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ट्रेनों के इंतजार में घंटों धूप में खड़े रहते हैं यात्री

3 वर्ष पहले
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मॉडल रेलवे स्टेशन पथरिया में यात्रियों को भीषण गर्मी में भी खुले आसमान के नीचे खड़े होकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक एवं दो पर मात्र छोटा सा टीन शेड लगा है, लेकिन पूरे प्लेटफार्म खुला पड़ा है। जब भी कोई ट्रेन प्लेटफार्म पर आकर खड़ी होती है तो केवल एक बोगी को छोड़कर शेष सभी बोगियां खुले में खड़ी रहती हैं।

ऐसी स्थिति में यात्रियों को भी तेज धूप में प्लेटफार्म पर खुले में जमीन पर बैठकर ही ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि स्टेशन पर पर्याप्त कुर्सियां भी नहीं हैं। जबकि यहां पर रोजाना डेढ़ से दो हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों को जमीन में ही बैठना पड़ रहा है।

स्टेशन पर नाममात्र के लगे पेड़: एक ओर रेलवे द्वारा स्टेशनों पर हरियाली लाने हर साल पेड़ पौधे लगाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर पथरिया रेलवे स्टेशन पर नाममात्र के पेड़ लगे हैं। यात्रियों ने बताया कि यदि यहां पर पर्याप्त पेड़ ही लगे होते तो यात्रियों को खुले में खड़े नहीं होना पड़ता। यात्री पेड़ों की छांव के नीचे ही सुकून से ट्रेनों का इंतजार कर सकते थे। लेकिन यहां पर पेड़ पौधे लगाने कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

40 साल पुराना टीन शेड

वर्तमान में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक एवं दो पर जो टीनशेड लगा है वह 40 साल पुराना है। लेकिन इसे आज तक बढ़ाया नहीं गया है। जबकि पथरिया स्टेशन पर कई जनरल व एक्सप्रेस ट्रेनें भी रूकने लगी हैं। प्लेटफार्म एक पर बने टीनशेड के नीचे मात्र चार कुर्सियां ही रखी हुई हैं, जबकि प्लेटफार्म नंबर 2 पर तीन कुर्सियां रखी हैं।

पथरिया। रेलवे स्टेशन पर टीन शेड व पर्याप्त पेड भी नहीं हैं। एक पेड़ के पास धूप से बचने का प्रयास करती महिला यात्री।

रोजाना 80 हजार की आय

माॅडल स्टेशन का दर्जा प्राप्त रेलवे स्टेशन पर रोजाना यात्रियों की टिकट से 80 हजार रुपए की आय प्राप्त होती है, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं की ओर रेलवे का कोई ध्यान नहीं हैं। सतपारा निवासी रूपदयाल पटेल, उजयार पटेल ने बताया कि स्टेशन पर सबसे प्रमुख समस्या टीन शेड की है। गर्मी में लोगों को जहां तेज धूप में खड़ा होना पड़ता है तो वहीं बारिश में भीगते हुए ट्रेन पकड़नी पड़ती है। स्टेशन पर हर साल नगर के समाजसेवी पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं, जबकि रेलवे द्वारा कोई प्रबंध नहीं किए जाते।

भेजा है प्रस्ताव

यह बात सही है कि स्टेशन पर टीनशेड कम है। इसके लिए रेलवे को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है तो टीन शेड़ बढ़ाया जाएगा। साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।- एआर आब्दी, स्टेशन प्रबंधक

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