मारपीट के आरोपी छह छात्रों को दूसरे जिले में करेंगे शिफ्ट
गवर्नमेंट एग्रीकल्चर कॉलेज के कथित रैगिंग मामले में प्रबंधन की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। जांच में मामला गंभीर मारपीट का पाया गया। प्रबंधन ने इस पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपी सीनियर छात्रों को कॉलेज से हटा दिया है। उन्हें किसी अन्य जिले के कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं रैगिंग की शिकायत झूठी पाए जाने पर शिकायतकर्ता पीड़ित छात्र को भी कॉलेज से हटा दिया गया है। उसे सीहोर कॉलेज में शिफ्ट किया गया है। छात्र वहीं का मूल निवासी है।
बताते हैं कि उसका वहां इलाज भी चल रहा है। उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी जानकारी सामने आई है। फिलहाल प्रबंधन का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई कर दी है, ताकि आगे से न तो छात्र आपस में मारपीट करें और न कोई रैगिंग की झूठी शिकायत कर सके। कॉलेज के डीन डॉ. वीके स्वर्णकार का कहना है कि मारपीट करने वाले छात्रों को तत्काल यहां से हटाकर दूसरे जिले के कॉलेज में शिफ्ट कर रहे हैं।
पहले समझौता हुआ था, रिपोर्ट हो गई थी खारिज
पिछले सप्ताह हुई पहली शिकायत के बाद मामले में कॉलेज की अनुशासन समिति के समक्ष समझाैता हो गया था, लेकिन अगले ही दिन पीड़ित छात्र ने फिर यूजीसी में शिकायत कर समझौते को नकार दिया था। उसी के बाद दोबारा जांच हुई और अब उसकी रिपोर्ट आई है।
यह था पूरा मामला
पिछले सप्ताह शनिवार की शाम जूनियर छात्र ने मय नाम कुछ छात्रों की शिकायत की थी। कहा था कि मेरी रैगिंग ली जा रही है। इसके बाद यूजीसी की तरफ से सोमवार को संस्थान के डीन के पास फोन आया। फिलहाल जिन छात्रों पर कार्रवाई हुई है, उनमें कृष्णकांत पटेल, हेमंत विश्वकर्मा, रोहित यादव, शिवम पाटीदार सहित अन्य छात्र शामिल हैं।
पीड़ित छात्र ने खुद मांगा था ट्रांसफर
बताते हैं कि पीड़ित छात्र ने कुछ माह पहले खुद सीहोर कॉलेज शिफ्ट किए जाने की मांग की थी। उसने कहा था कि उसका मूल निवास वहीं है, इसलिए उसे वहीं शिफ्ट कर दिया जाए। इसी कारण उसे अब सीहोर भेजा है।