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आश्वासन पर एसोसिएशन माना, हड़ताल खत्म, आज से चलेंगी सभी रूट की बसें

3 वर्ष पहले
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यात्री किराए में सिर्फ 10 फीसदी वृद्धि से नाराज बस संचालकों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इसके चलते बस स्टैंड पर सुबह 5 बजे से यात्री परेशान होते नजर आए। परिवहन विभाग ने भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। वहीं यात्री परेशान होते रहे, लेकिन कोई विरोध नहीं किया। जबकि मां शारदा ट्रेवल्स की बस इंदौर जाने के लिए सुबह 7.30 बजे रवाना हो रही थी। इस दौरान एसोसिएशन सदस्यों ने ट्रेवल कंपनी के संचालक से मोबाइल पर बात कर हड़ताल को समर्थन देने के लिए राजी किया। इसके बाद यात्रियों को बस से उतार दिया गया। शाम को राहत की खबर आई। ऐसाेसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया सरकार 10 प्रतिशत किराया वृद्धि पर पहले ही राजी थी। अब कुछ और मांगों को मानने का आश्वासन मिला है। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है।

सोमवार को बीए की परीक्षा होने से युवतियां व महिलाएं कुक्षी, इंदौर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंची। हड़ताल के कारण बस नहीं मिलने पर परिजन बाइक व निजी वाहन से परीक्षा दिलाने ले गए। भोपाल निवासी जेलाम बारेला परिवार के साथ मेणीमाता निवासी मामा ससुर के यहां पगड़ी रस्म कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। सुबह 5 बजे भोपाल बस से वे स्टैंड पर उतरे लेकिन 7.30 बजे तक निजी वाहन न मिलने से यात्री प्रतीक्षालय में परेशान होते रहे। अन्य लोग भी इंदौर, खरगाेन, खंडवा, धार, कुक्षी आदि जाने के लिए परेशान होते रहे।

‘10 गुना टैक्स तो 40% किराया क्यों नहीं बढ़ाती सरकार’

एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष बर्मन ने बताया सरकार आवेदन शुल्क, टैक्स व परमिट की राशि 10 गुना बढ़ा सकती है लेकिन 40 फीसदी किराया नहीं बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया किसी भी तरह की आपत्ति लगाने पर पहले 50 रुपए की रसीद कटती थी। अब इसके लिए 500 रुपए वसूल जा रहे हैं। पक्के परमिट की फीस एक साल पहले तक 1500 रुपए थी। इसे सरकार ने बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया है। बरात के परमिट का शुल्क 300 से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया है। पहले परमिट किमी के हिसाब मिलता था। इसे अब 600 रुपए प्रतिदिन कर दिया है।

एसोसिएशन के विरोध के बाद यात्रा निरस्त होने पर बस से उतरते यात्री।

भास्कर संवाददाता | बड़वानी

यात्री किराए में सिर्फ 10 फीसदी वृद्धि से नाराज बस संचालकों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इसके चलते बस स्टैंड पर सुबह 5 बजे से यात्री परेशान होते नजर आए। परिवहन विभाग ने भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। वहीं यात्री परेशान होते रहे, लेकिन कोई विरोध नहीं किया। जबकि मां शारदा ट्रेवल्स की बस इंदौर जाने के लिए सुबह 7.30 बजे रवाना हो रही थी। इस दौरान एसोसिएशन सदस्यों ने ट्रेवल कंपनी के संचालक से मोबाइल पर बात कर हड़ताल को समर्थन देने के लिए राजी किया। इसके बाद यात्रियों को बस से उतार दिया गया। शाम को राहत की खबर आई। ऐसाेसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया सरकार 10 प्रतिशत किराया वृद्धि पर पहले ही राजी थी। अब कुछ और मांगों को मानने का आश्वासन मिला है। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है।

सोमवार को बीए की परीक्षा होने से युवतियां व महिलाएं कुक्षी, इंदौर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंची। हड़ताल के कारण बस नहीं मिलने पर परिजन बाइक व निजी वाहन से परीक्षा दिलाने ले गए। भोपाल निवासी जेलाम बारेला परिवार के साथ मेणीमाता निवासी मामा ससुर के यहां पगड़ी रस्म कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। सुबह 5 बजे भोपाल बस से वे स्टैंड पर उतरे लेकिन 7.30 बजे तक निजी वाहन न मिलने से यात्री प्रतीक्षालय में परेशान होते रहे। अन्य लोग भी इंदौर, खरगाेन, खंडवा, धार, कुक्षी आदि जाने के लिए परेशान होते रहे।

अफसरों के जरिए दबाव बना रही है सरकार

बस स्टैंड स्थित कार्यालय पर दोपहर 4 बजे से प्राइवेट बस ऑनर्स कल्याण एसोसिएशन सदस्यों की बैठक हुई। इसमें हड़ताल जारी रखने को लेकर चर्चा की गई। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष महेश बर्मन ने बताया प्रदेश संगठन से कोई नए निर्देश नहीं आए हैं। परिवहन विभाग के उप सचिव कमल नागर ने 10 फीसदी किराया बढ़ाने व जल्द गजट नोटिफिकेशन कराने के आदेश जारी किए हैं लेकिन बस संचालक इससे संतुष्ट नहीं है। वे किराए में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने बताया सरकार अफसरों के जरिए 10 प्रतिशत किराया बढ़ाने का झांसा देकर हड़ताल तोड़ने का प्रयास कर रही है। संजय पुरोहित, राजेंद्र गुप्ता, प्रितमसिंह तोमर, महादेव पाटीदार मौजूद थे। शाम को हड़ताल खत्म होने की सूचना मिली।

इधर... पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उपयंत्रियों ने भी शुरू की हड़ताल

पुराने कलेक्टोरेट के बाहर नारे लगाते इंजीनियर्स।

बड़वानी | ग्रेड पे 4800करने, पदोन्नति सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उपयंत्रियों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। मप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स एसाेसिएशन प्रांतीय समिति भोपाल के आह्वान पर सोमवार से एसाेसिएशन सदस्यों ने पुराने कलेक्टोरेट के बाहर धरना दिया। नारे लगाकर विरोध जताया। एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्रसिंह मंडलोई ने बताया उपयंत्री संवर्ग को त्रिस्तरीय वेतनमान, 30 साल के बाद एक अनिवार्य पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती की जाना चाहिए। उन्होंने बताया काम को बोझ अधिक होने से उपयंत्रियों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके चलते कामों का विभागीय स्तर पर विस्तार किया जाना चाहिए। मांगों के निराकरण के लिए उन्होंने अफसरों को आवेदन दिया है। इस दौरान एसोसिएशन के सदस्य मौजूद थे।

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