मशाल जलाकर खर्चीली शादियां और मृत्युभोज बंद करने का संकल्प दिलाया
घेगांव में 5 दिनी प्रज्ञा पुराण कथा का मंगलवार रात समापन हुआ। कथावाचक प्रज्ञा पाराशर ने श्रद्धालुओं को नशा मुक्ति, दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, अंधविश्वास बंद करने का संकल्प दिलाया। पंडाल में झोलियां भेजी। इसमें नशा करने वाले व्यक्तियों ने तंबाखू गुटखा, बीड़ी, सिगरेट आदि डालकर गांव को नशामुक्त करने की बात कही।
कार्यकर्ताओं ने मशाल जलाकर नशामुक्ति अभियान को गति देने का संकल्प लिया। प्रज्ञा दीदी ने दीपयज्ञ करवाया। उन्होंने कहा गुरुदेव सूर्य के समान है। उनकी हर किरण को लेकर हमें जन-जन तक पहुंचाना है। मनुष्य को धन को लक्ष्मी मानकर उसका सदुपयोग करना चाहिए। मेहनत की कमाई को पानी की तरह नहीं बहाना चाहिए। भगवान श्रीराम ने आदर्श विवाह किया था। आप भगवान के सच्चे भक्त है तो उनके आदर्शों को मानना चाहिए। खर्चीली शादियां व मृत्युभोज बंद करने का संकल्प दिलाया। भजन मंडली ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी। जिला समन्वयक योगेश पाटीदार, श्रीकृष्णराव शर्मा, रमेश परिव्राजक, जाेगीलाल मुजाल्दे, श्रीकृष्ण शर्मा, रोहित पाटीदार, डॉ. पीएन भावसार, ओम पाटीदार, घनश्याम पाटीदार, रेवाराम पाटीदार, शांतिलाल पाटीदार, वेणीराम पाटीदार, जितेंद्र यादव, राजेश प्रजापत आदि मौजूद थे।
मशाल जलाकर नशामुक्ति का संकल्प लिया।