पानी संकट से जूझ रहे शाही शहर पटियाला वासियाें काे साल 2019-2020 तक कैनाल बेस्ड वाटर प्रोजेक्ट के तहत 24 घंटे पानी सप्लाई मिल सकती है। इस प्राेजेक्ट के लिए 782 कराेड़ रुपये का ऐलन लाेकल बाॅडीज मिनिस्टर नवजाेत सिंह सिद्धू ने भी कर दिया है। सिद्धू के एलान के बाद लाेगाें में एक बार फिर उम्मीद जागृति हाे गर्इ है। नगर निगम एक्सईएन सुरेश कुमार के मुताबिक अगर 10 साल पहले अगर कैनाल बेस्ड वाटर प्रोजेक्ट लग जाता तो 1,27,750 क्यूसिक वाटर जो हरियाणा चला गया है, पटियाला के लोगों के लिए काम आता।
10 साल पहले प्रोजेक्ट लगता तो 1,27,750 क्यूसिक पानी शहर को मिलता
रिपोर्टों में भी गिरा है शहर का जल स्तर
केंद्रीय भूमिगत जल बोर्ड की रिपोर्टों के अनुसार शहर में भूमिगत जल के स्तर में बीते तीन-चार वर्षों में बहुत गिरावट दर्ज की गई है और जहां पानी का स्तर गिरा है वहां पानी का मानक भी घटा है। उन्होंने कहा कि भूमिगत जल के और नीचे जाने के कारण डार्क ज़ोन बन गया है और भूमिगत जल में आर्सेनिक, युरेनियम, भारी तत्व, क्लोराइड, बैक्टीरिया आदि तत्वों की बहुतायत पाई जा रही है जोकि स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं।
मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने कहा कि कैनाल वेस्ट वाटर प्राेजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा लाेगाें की सेहत काे हाेगा। जहां टीडीएस 100 होना चाहिए, वहीं यह 450 है। इसका सीधे लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबित लुधियाना अमृतसर, पटियाला में हर साल 8-10 प्रतिशत ट्यूबवेल काम करना बंद कर रहे हैं। स्पलाई व्यवस्था भी खराब है। नहरी पानी मुहैया कराने से शहर के लोगों काे साफ़ पानी पीने को मिल सकेगा।