गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में पंचमी का त्योहार बड़ी श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। सुबह कपाट खुलते ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में माथा टेकने के लिए पहुंचने लगे। विभिन्न जगहों से आई संगतों ने बड़ी श्रद्धा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक होकर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया और पवित्र सरोवर में स्नान किया। इस दौरान रागी जत्थों ने तेरा किता होए त काहे डरपिअै, जिस मिल जपिअै नाउ तिस जिओ अर्पिअै व अन्य शब्द पेश किए। इस दौरान निशान साहिब का चोला साहिब बदलते वक्त उड़ती तनियों को पकड़ने में श्रद्धालुओं ने जद्दो जहद की। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि चोला साहिब से जुड़े वस्त्र को घर लेजाने या बांधने से गुरु साहिब की रहमत होती है।