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10 ब्लैक स्पॉट पहचाने, लोगों को स्लो ड्राइविंग के लिए अवेयर किया, नतीजा हादसों में आई 24% कमी

3 वर्ष पहले
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स्वर्णजीत सिंह अश्क|फतेहगढ़ साहिब

जिला फतेहगढ़ साहिब ने सड़क हादसों में भारी कमी लाकर पंजाब में एक बड़ी प्राप्ति और पहल की है। एसएसपी अलका मीना की अगुवाई में जिला पुलिस ने पंजाब के ट्रैफिक एडवाइजर नवदीप के. असीजा के सहयोग और ज्ञानी जैल सिंह कैंपस कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी बठिंडा के चार ट्रेनीज बलकरण सिंह, सिमरनजीत सिंह, झा केशव और मृदुल शरोतरी की मदद से जिले में सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार 10 ब्लैक स्पॉट पहचाने और वहां समस्याएं हल की। इसका नतीजा है कि सड़क हादसों की दर में 24 प्रतिशत की कमी आई है।

फतेहगढ़ साहिब में तीन साल में गई 257 लोगों की जान

ब्लैक स्पॉट पर ट्रैफिक दुरुस्त करेंगे: एएसपी अल्का मीना

एसएसपी अल्का मीना ने कहाकि हादसों के लिए बदनाम जिन 10 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई है उनमें से चार अंबाला लुधियाना हाईवे, थाना सरहिंद के तहत मुल्तानी ढाबा, आदमपुर नहर पुल, माधोपुर चौक और चावला चौक, मंडी गोबिंदगढ़ पुलिस स्टेशन के तहत गांव अंबेमाजरा और गावं अजनाली की माॅडर्न स्टील मिल के सामने, थाना बडाली आला सिंह के तहत राजपुरा सरहिंद के बीच मेकडोनाल्ड, थाना मुलेपुर में सरहिंद-पटियाला रोड पर सैबिक होटल के पास और गावं मलहेड़ी, इसके अलावा थाना बस्सी पठाना में सरहिंद मोरिंडा रोड पर नगावां बस स्टैंड शामिल है। इस जिले में हर रोज औसत 50 वहां रजिस्टर्ड होते हैं और सड़क हादसों में हर सप्ताह दो लोगों की जान जाती है। अब जिन ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई है, वहां खास तरह से व्यवस्था करके लोगों को चेताया जाएगा कि यह स्थल हादसों के लिए जिम्मेदार हैं। लोग जागरूक होंगे तो हादसों में कमी आने की और भी संभावनाएं हैं।

सड़क सुरक्षा अध्ययन करने वाली टीम सदस्य डीएसपी मुख्यालय संदीप कौर सैनी ने बताया कि टीम ने फतेहगढ़ साहिब से गुजरने वाली सभी प्रकार की 1890 किलोमीटर सड़कों पर हुए हादसों के रिकॉर्ड को देखा और पाया कि सर्वाधिक हादसे जीटी रोड के नाम से पहचाने जाने वाले अंबाला लुधियाना हाइवे पर होते हैं जबकि दूसरा स्थान 48 किलोमीटर लंबाई के स्टेट हाईवेज के पटियाला-सरहिंद-मोरिंडा मार्ग पर होते हैं। 50 प्रतिशत हादसों में रफ्तारी और शराब जिम्मेदार है। जिले में साल 2015 में 96, 2016 में 88 और 2017 में 73 मौतें हुईं। तीन सालों में हुई 257 मौतों में से 106 (41% ) लोग या तो पैदल थे और या फिर साइकिल सवार थे। इनमें से अधिकतर की जान सरहिंद और मंडी गोबिंदगढ़ थाना क्षेत्र में हुई।

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