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पंजाब में आयुष्मान याेजना का एमअाेयू साइन न करने को सांसद गांधी ने सराहा
पंजाब के सेहतमंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने केंद्र की आयुष्मान याेजना काे पंजाब में लागू करने से साफ मना कर दिया है। सरकार का तर्क है कि पंजाब में पहले से ही सेहत संबंधी विभिन्न प्रकार की योजनाएं चल रही हैं। सेहतमंत्री के इस फैसले का सांसद धर्मवीर गांधी ने स्वागत किया है। गांधी ने कहा कि केंद्र किसी राज्य में अपनी याेजना नहीं थाेप सकता। दरअसल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में पंजाब ने केंद्र की आयुष्मान योजना के एमओयू पर साइन करने से इनकार कर दिया जिसके बाद देश समेत पूर पंजाब में चर्चाएं सरगर्म हैं।
केंद्र किसी राज्य में अपनी याेजना नहीं थाेप सकता: डॉ. धर्मवीर गांधी
पंजाब में यह योजनाएं| सेहत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अाठ साल पहले पंजाब में 108 एंबुलेंस सेवा शुरू हुई तक केंद्र ने 40-60 का रेशो रखा था। कुछ समय ग्रांट जारी हुई और बाद में केंद्र ने ग्रांट पर ब्रेक लगा दी। मौजूदा समय पंजाब में भगत पूरण सिंह बीमा याेजना, मुख्यमंत्री कैंसर राहत काेष, हेपेटाइटिस सी मुफ्त इलाज, पंजाब निराेगी स्कीम समेत अस्पतालों में मुफ्त लैब टेस्ट समेत दवाइयां भी मुफ्त मुहैया कराई जा रही हैं।
पेपरलेस याेजना है आयुष्मान| आयुष्मान याेजना के तहत मरीजों के लिए यह योजना पेपरलेस, कैशलेस होगी। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के सभी लाभ भी देय होंगे और 1352 तरह के उपचार शामिल होंगे। इसका 60 फीसदी खर्च केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकारों को उठाना है। देश भर के 1.50 लाख स्वास्थ्य उप केंद्रों को बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए वैलनेस केंद्रों में बदला जाएगा।