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- जनवरी में भेजा लोकल बाॅडी विभाग को रेंट एंड लीज पाॅलिसी में शोध के लिए लेटर, नहीं आया जवाब: ज्वाइंट कमिश्नर
जनवरी में भेजा लोकल बाॅडी विभाग को रेंट एंड लीज पाॅलिसी में शोध के लिए लेटर, नहीं आया जवाब: ज्वाइंट कमिश्नर
शहर में रेंट या लीज पर दुकानें लेकर काराेबार कर रहे दुकानदारों को मालिकाना हक देने की सरकार की पाॅलिसी दुकानदारों के लिए किसी श्राप से कम नहीं है। पटियाला लीज व रेंट एसोसिएशन के वाइस प्रधान राजीव गाेयल ने बताया कि सरकार द्वारा साल 2017 में कुछ शर्तें रखी गईं थीं ताकि शर्तें पूरा करके दुकानदार रजिस्ट्री अपने नाम करवा सकें। सरकार की पाॅलिसी में 20 सालों से नगर निगम की प्रॉपर्टी को रेंट या लीज पर लेकर दुकानदारी कर रहे व्यापारी इस प्रॉपर्टी के मालिक बन सकते हैं। पटियाला में 317 दुकानदारों को इसका फायदा हाे सकता है। निगम की 196 दुकानें रेंट पर जबकि 121 लीज पर हैं। सनौरी अड्डा, लाहौरी गेट सहित शहर के अंदरूनी एरिया में निगम की यह सारी प्रॉपर्टी है। सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले नगर निगम, नगर कौंसिल पंचायती दुकानों पर करीब 20 सालों से काबिज दुकानदारों को मलकियत देने का फैसला किया था। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर स्थानीय लोकल बाॅडी विभाग को आदेश दिए थे कि अगर 20 साल से अधिक वाला किराएदार दुकान खरीदना चाहता है, तो उसे सरकारी दर के हिसाब से पैसे लेकर मालिक बना दिया जाए। राजीव गाेयल ने बताया कि एसोसिएशन की अाेर से सरकार काे मांग की जा रही है कि 20 साल से कब्जे वाली शर्त काे खत्म किया जाए। माैजूदा व्यक्ति की जांच कर उसकाे रजिस्ट्री करवाने का माैका दिया जाए। उस समय के स्थानीय लोकल बाॅडी विभाग के मंत्री अनिल जोशी ने प्रदेश के सभी निगमों, काउंसिलों पंचायतों को पत्र भेजकर दुकानें खरीदने वाले दुकानदारों से बातचीत करने के आदेश दिए थे।
दूसरी ओर पाॅलिसी के हिसाब से 50 गज पंचायत, 200 गज निगम प्रॉपर्टी बेच सकता है लेकिन एसोसिएशन की मांग है कि निगम की कॉमर्शियल 50 गज पर रिहायशी 150 गज की शर्त काे खत्म किया जाए, क्याेंकि जिनके पास कमर्शियल 50 गज से अधिक व रिहायशी 150 गज से अधिक है किराया ताे वह भी कर्इ सालाें से भरते अा रहे हैं। उनके साथ यह भेदभाव न करके उन्हें भी रजिस्ट्री करवाने का माैका दिया जाए।
20 साल से कब्जे वाली शर्त काे सरकार करे खत्म: राजीव गोयल