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कॉलेजों से एडमिशन फीस मांगकर पीयू देगी सैलरी

3 वर्ष पहले
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वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाबी यूनिवर्सिटी 7 अगस्त होने के बावजूद अभी तक अपने मुलाजिमों की सेलरी नहीं दे सकी है। सरकार की तरफ से मिलने वाली ग्रांट सर्वर डाउन होने के चलते अभी तक खजाना अॉफिस नहीं पहुंची है। वहीं अब मुलाजिमों को अथॉरिटी दो दिन के अंदर कॉलेजों से स्टूडेंट्स की फीस मांगकर मुलाजिमों की सेलरी देनी की तैयारी कर रही है। पंजाबी यूनिवर्सिटी के मुलाजिमों की सैलरी पूरी 27 करोड़ रुपए बनती है। सेलरी को लेकर एडहॉक कमेटी एफओ राधा शरण अरोड़ा से मिली। कन्वीनर अवतार सिंह ने बताया कि सेलरी को लेकर वह एफओ से मिले और जल्द ही सेलरी जारी करने की मांग की। एफओ ने बताया कि सरकार की तरफ से जो सैलरी के लिए ग्रांट मिलती है वह सर्वर की समस्या के चलते अभी तक आ नहीं सकी। सरकार ने चेक तो काट दी है लेकिन खजाना विभाग के पास नहीं पहुंची क्योंकि सर्वर डाउन है। उन्होंने बताया कि एफओ ने कहा कि जैसे ही सर्वर ठीक हो जाएगा तो सैलरी आ जाएगी। वहीं उन्होंने मुलाजिमों से यह भी कहा कि अगर सर्वर ठीक नहीं होता तो मुलाजिमों की सेलरी कॉलेजों से स्टूडेंट्स के एडमिशन से आयी फीस से देंगे। इस दौरान सुरिंदर चंदेल, गगनदीप मौजूद रहे।

पीयू में जनरल कैटेगरी और एससी/बीसी मुलाजिमों में टकराव

पटियाला| पीयू में एससी कोटे में प्रमोशन के फैसले को लेकर जनरल केटेगरी ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पंजाब और केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान किया है। जनरल केटेगरी के इस ऐलान के खिलाफ एससी/बीसी कर्मचारी फैडरेशन विरोध में उतर आई है और प्रधान डाॅ. जतिंदर सिंह मट्टू की अध्यक्षता में एससी वर्ग से संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों काे इस कार्रवाई को रोकने के लिए वाइस चांसलर डाॅ. बीएस घुम्मण को मांगपत्र दिया। कहा गया कि अगर पुतला जलाया तो फेडरेशन रोष मार्च निकालेगी। मामले को लेकर माहौल गर्म हो गया है। इधर जनरल केटेगरी इंप्लाइज के प्रधान सुखबीर पाल रोमी ने कहा कि हमारा प्रदर्शन एससी/बीसी के खिलाफ नहीं, पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ है। हम लोग मांग करते हैं कि आरक्षण क्रीमिलेयर के मुताबिक दिया जाए। प्रधान डाॅ. जतिंदर सिंह मट्टू ने कहा कि कुछ कर्मचारी पंजाब सरकार की तरफ से एससी भाईचारे के हक में दिए फैसले का विरोध कर रहे हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार शांता देवी, डिप्टी रजिस्ट्रार केसर सिंह गिल, असिस्टेंट रजिस्ट्रार सेवा सिंह, सुपरिंटेंडेंट जसवंत सिंह ने कहा कि अपने हक के लिए हर कोई प्रदर्शन कर सकता है परंतु एक भाईचारे को निशाना बनाना गलत है। अगर बुधवार काे जरनल वर्ग के कर्मचारियों को न रोका गया तो समूचा एससी भाईचारा ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ उतरेगा।

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