कैप्टन की कांग्रेस सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए कई अहम फैसला लिए हैं, लेकिन सीएम और हेल्थ मिनिस्टर ब्रह्म मोहिंदरा के होम टाउन के अधिकारी इसे त्यागने को तैयार नहीं हैं। दरअसल (डीएमसी) डिप्टी मेडिकल कमिश्नर एमएस धालीवाल सरकारी ड्यूटी सरकारी जिप्सी से नहीं बल्कि प्राइवेट लग्जरी कार से कर रहे हैं और बिल जिप्सी के नाम से पास हो रहे हैं। बिना चले ही उनकी जिप्सी पीबी11एस-5977 कागजों में खूब घूम रही है। इसके साथ ही इस जिप्सी को चलाने के लिए नियुक्त ड्राइवर उनकी प्राइवेट गाड़ी चला रहा है जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता। धालीवाल से इस बावत पूछा तो उनका कहना था कि जिप्सी में गर्मी में गर्मी लगती है। उधर, सिविल बोले, जिप्सी सरकारी काम के लिए दी गई थी, अगर ऑफिसर बिना गाड़ी का इस्तेमाल किए बिल पास करवा रहा है तो सरकार को गुमराह कर रहा है। ऐसे में कार्रवाई होना लाजिमी है। शुक्रवार को गाड़ी वापस मंगवाई जाएगी और जांच करवाई जाएगी।
तोड़ रहे नियम
सरकार से मिली है गाड़ी लेकिन लग्जरी कार यूज कर रहे डीएमसी, सरकारी ड्राइवर टैक्सी नहीं चला सकता
सरकारी गाड़ी भी नियमों के विपरीत दी
जिप्सी पीबी 11एस-5977 सिविल सर्जन ऑफिस की है। इसे सिविल सर्जन ऑफिस के काम के लिए ही इस्तेमाल कर सकते हैं। चूंकि डीएमसी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के अधीन आते हैं। इस लिहाज से उन्हें कॉर्पोरेशन ही गाड़ी मुहैया करा सकता है। ऊंची पहुंच होने के चलते यहां नियमों को ताक पर रखकर डीएमसी को गाड़ी मुहैया कराई गई। सूत्रों की मानें को यह गाड़ी अधिकारी ने केवल सरकारी बिल पास कराने के लिए इश्यू कराई है।