गर्भावस्था का समय महिलाओं के लिए जटिलताओं से भरा है और सार्वजनिक जीवन में गर्भावस्था से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर हमेशा से पर्याप्त जागरूकता का अभाव है। भारत में प्रीक्लेम्प्शिया से 8 से 10% गर्भवती महिलाएं पीड़ित हैं, गर्भावस्था से संबंधित एक अतिसंवेदनशील विकार (एचडीपी), उच्च रक्तचाप माताओं की भविष्य की अपेक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
पटियाला की 15 से 49 उम्र वर्ग की 13% से ज्यादा महिलाओं को बीपी से प्रीक्लेम्प्शिया की संभावना
कहा- महिलाओं में मधुमेह के विकास का जोखिम रहता अधिक
सरकारी रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पटियाला की 15 से 49 वर्ष के आयु वर्ग की 13% से अधिक महिलाएं उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हैं, जिसका यह मतलब है कि शहर में 8 महिलाओं में से 1 महिला उच्च रक्तचाप से पीड़ित है। गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप के खतरे के बारे में बताते हुए, डॉ. गोल्डी कंबोज, सलाहकार, गाइनीकोलॉजी, कोलंबिया एशिया अस्पताल कहते हैं, “गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप महिलाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, भले ही रोगी गर्भावस्था के दौरान या फिर पहले से ही वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित हो। गर्भावस्था से संबंधित कुछ सामान्य उच्च रक्तचाप विकारों में गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप होना, प्रीक्लेम्प्शिया और एक्लेम्पिया शामिल हैं, जो मां और बच्चे के जीवन को खतरे में डालकर खतरनाक परिणाम सामने ला सकते हैं। इसके अलावा, जीवित माताओं में मधुमेह के विकास का बहुत अधिक जोखिम रहता है।