रेडक्रॉस बिल्डिंग का नींव पत्थर महारानी महिंदर कौर ने मई 1967 रखा। 51 साल बाद बिल्डिंग खस्ता हाल हो गई है। बिल्डिंग के अंदर एक कमरे की छत का लेंटर गिर झड़ चुका है। बरामदे के साथ लगती दीवारों से प्लस्तर निकल रहा है। 51 साल बाद पंजाब सरकार ने बिल्डिंग ठीक करने का काम पीडब्ल्यूडी को सौंपा है। इसका 25 लाख रुपए का इस्टीमेट पास किया गया है। इसमें पहले से बने ट्रेंनिग हाल के साथ ही एक नया हाल बनाने का प्रपोजल है। बिल्डिंग की फर्श को बदला जाएगा। रेडक्रॉस बिल्डिंग के अास-पास जो खाली जगह है उसका भी इस्तेमाल किया जाएगा। डीसी कुमार अमित ने बताया कि रेडक्रॉस की बिल्डिंग का काम जल्द शुरू किया जा रहा है। फंड जारी कर दिया गया है।
बिल्डिंग की रेनोवेशन सुधारने के लिए अलग से प्लान बनाया गया है। इस समय रेडक्रॉस में हैंडीकैप्ड लोगों के लिए प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। नकली अंग बनाने के साथ ही बच्चों को इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही एक सर्टिफिकेट रेडक्रॉस की ओर दिया जाता है। रेडक्रॉस सांझी रसोई चला रहा है। इस समय दो कंप्यूटर सेंटर भी चल रहे हैं।
संदीप टुरना|पटियाला
रेडक्रॉस बिल्डिंग का नींव पत्थर महारानी महिंदर कौर ने मई 1967 रखा। 51 साल बाद बिल्डिंग खस्ता हाल हो गई है। बिल्डिंग के अंदर एक कमरे की छत का लेंटर गिर झड़ चुका है। बरामदे के साथ लगती दीवारों से प्लस्तर निकल रहा है। 51 साल बाद पंजाब सरकार ने बिल्डिंग ठीक करने का काम पीडब्ल्यूडी को सौंपा है। इसका 25 लाख रुपए का इस्टीमेट पास किया गया है। इसमें पहले से बने ट्रेंनिग हाल के साथ ही एक नया हाल बनाने का प्रपोजल है। बिल्डिंग की फर्श को बदला जाएगा। रेडक्रॉस बिल्डिंग के अास-पास जो खाली जगह है उसका भी इस्तेमाल किया जाएगा। डीसी कुमार अमित ने बताया कि रेडक्रॉस की बिल्डिंग का काम जल्द शुरू किया जा रहा है। फंड जारी कर दिया गया है।
बिल्डिंग की रेनोवेशन सुधारने के लिए अलग से प्लान बनाया गया है। इस समय रेडक्रॉस में हैंडीकैप्ड लोगों के लिए प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। नकली अंग बनाने के साथ ही बच्चों को इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही एक सर्टिफिकेट रेडक्रॉस की ओर दिया जाता है। रेडक्रॉस सांझी रसोई चला रहा है। इस समय दो कंप्यूटर सेंटर भी चल रहे हैं।