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मूंछों को ताव देते युवक पर गुस्साया थानेदार, जीप के दरवाजे से कुचलीं उंगलियां, थाने में दी थर्ड डिग्री

3 वर्ष पहले
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थाना लाहौरी गेट पुलिस पर गांधी नगर निवासी अमित कुमार ने थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगाया। अमित कुमार ने बताया कि उसे इतनी सी बात पर पीट दिया गया कि उसने पुलिस के सामने मूछों को ताव दिया। पुलिस को लगा कि यह उनको अकड़ दिखाने के लिए किया गया। जबकि ऐसा कुछ नहीं था। इसी बात को लेकर उसे थाने में नंगा करके पीटा गया। थर्ड डिग्री टार्चर में अमित के हाथ की 2 उंगलियां फ्रैक्चर हो गई हैं।

शादी का जश्न फीका पड़ा- रातभर सड़कों पर घूमता रहा परिवार

चूंकि बुधवार को अमित के छोटे भाई की शादी थी, इसलिए सब रिश्तेदार डीजे पर थिरक रहे थे। अाधी रात ज्यों ही अमित को पीटने की सूचना मिली तो जश्न फीके पड़ गए। पिता समेत सभी रिश्तेदार तो रातभर थाने से लेकर अस्पताल के बीच सड़कों पर घूमते रहे। अमित के पिता मनोज ने बताया कि लगभग ढ़ाई बजे घर पहुंचे। सुबह बेटे की बारात चढ़नी थी, लेकिन मानों सब चाव खत्म हो गए थे। सुबह अमित ने दर्द से तड़पते हुए बताया कि हाथ की उंगलियां काम नहीं कर रही है। तुरंत उसे राजिंदरा अस्पताल दाखिल करवाया। एक्सरे हुए तो पता चला कि हाथ की हड्डी टूट गई है।

पुलिस के जुल्म की कहानी पीड़ित अमित की जुबानी

16 मई बुधवार को मेरे छोटे भाई की शादी थी। 15 मई रात को घर में लेडीज संगीत था। रात लगभग 11 बजे पानी की बोतलें खत्म हुईं तो मेरी बुअा का बेटा काली अौर मामा का बेटा विक्की मोटरसाइकिल पर पानी लेने के लिए निकले। शेर-ए-पंजाब मार्केट में उन्हें कोतवाली पुलिस ने रोका अौर बाइक के कागज न होने पर मोटरसाइकिल इम्पाउंड कर लिया। दोनों घर अा गए अौर सारा मामला बताया। मैं, मेरे साथ पापा मनोज कुमार जो राजिंदरा अस्पताल मोर्चरी में तैनात हैं अौर कुछ अन्य रिश्तेदार लगभग पौने 12 बजे थाना कोतवाली पहुंचे।

थाने में ड्यूटी अफसर थानेदार हरशरणवीर सिंह मौजूद थे। मैंने जब उनसे बाइक मांगी तो हरशरणवीर ने साथी पुलिस वालों को यह कहकर मुझे अंदर करने को कहा कि मैं पुलिस को देखकर मूंछों को ताव देता हूं। मेरे पापा अौर रिश्तेदारों के सामने 5 पुलिस मुलाजिम जिनमें से 1 सिविल कपड़ों में था, ने मुझे पकड़कर हवालात के अंदर बंद कर दिया। मेरे पापा,रिश्तेदार बाहर शोर मचाते रहे, लेकिन पुलिस ने इन्हें जबरन बाहर कर दिया। मैं हाथ जोड़कर कुसूर पूछता रहा, लेकिन पुलिस वालों ने मुझे नंगा करके पीटना शुरू कर दिया। मेरी पीठ पर डंडे मारे। पुलिस वाले तब तक पीटते रहे जब तक मैं रोते-रोते थक नहीं गया। लगभग डेढ़ बजे मुझे यह कहकर उठाया गया कि मेडिकल होगा। पुलिस वाले अापस में यह कह रहे थे कि इसका बाप राजिंदरा में लगा है, इसलिए मेडिकल माता कौशल्या अस्पताल में करवाया जाएगा। मुझे जिप्सी में डालकर अस्पताल ले जाया गया। थाने के बाहर बैठे रिश्तेदार भी पीछे-पीछे अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में मेडिकल होने के बाद मैंने मेडिकल रिपोर्ट पर साइन करने से इंकार कर दिया। मुझे फिर पीटते-पीटते जिप्सी तक लाए। मैंने जिप्सी की विंडों पर हाथ रखा तो पुलिस वाले ने जोर से विंडो बंद कर दी। इससे मेरे हाथ की दो उंगलियां फ्रैक्चर हो गईं। मुझे इस हालत में देख मेरे पिता अापा खो बैठे। उन्हें गुस्से में देख पुलिस वालों ने यह कहकर मुझे उनके हवाले कर दिया कि वो बुधवार को बेटे की शादी निपटा कर वीरवार को थाने में अाएं।

मुझे नंगा करके पुिलस वाले तब तक पीटते रहे जब तक चिल्ला-चिल्लाकर मेरा गला नहीं सूख गया

निर्दयता...डंडे मार-मारकर पुलिस ने पीठ पर निशान डाल दिए।

अमित का कहना- घर में शादी है, शराब पी ली तो क्या गुनाह कर दिया!... अमित ने बताया कि जब उसने थाने में अपना गुनाह पूछा तो पुलिस ने उस पर शराब पीने का आरोप लगाया। अमित ने कहा कि घर में शादी है, इसलिए शराब पी ली तो क्या गुनाह कर दिया? इधर अमित के पिता मनोज ने कहा कि बेटे की शादी का शगुन जो लगभग 50 हजार रु था, भी पुलिस ने छीन लिया।

15 दिन पहले शुरू हुआ था टशन

पीड़ित अमित कुमार के मुताबिक करीब 15 दिन पहले वो रात को शेरां वाला गेट के पास आइसक्रीम पार्लर पर अपने बेटे के लिए आइसक्रीम लेने गया था। जहां यही थानेदार मौजूद था। जब वो अपनी मूंछों को रुटीन की तरह ताव दे रहा था तो इस थानेदार ने कहा था के बड़ी मूछों को ताव देता है? बस उसी दिन से पता नहीं पुलिस मुलाजिम ने अपने मन में क्या रंजिश रख ली जिसने मंगलवार रात को मुझे देखते ही कहा कि यह वही मूछों को ताव देने वाला है।

हुल्लड़बाजी कर रहे थे, मारपीट के आरोप झूठे

एएसआई हरशरणवीर सिंह ने कहा कि अमित ने थाने में मिसबिहेव किया। मैं भला इसे अंदर क्यों करूंगा? मारपीट करने के आरोप भी झूठे है। शराब पीकर हुल्लड़बाजी कर रहे थे, चूंकि मेडिकल में शराब की पुष्टि हो गई है, इसलिए अब कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए यह झूठे आरोप लगा रहे है।

जांच के बाद कुछ कह पाऊंगा... मुझे अापसे ही सारी जानकारी मिली है। मैं जांच करवाने के बाद ही कोई टिप्पणी कर पाऊंगा। -केसर सिंह, एसपी सिटी पटियाला

पिता आैर रिश्तेदारों को थाने से बाहर कर दिया

मूंछों को ताव जरूर दिया था पर पुलिस को अकड़ दिखाने के लिए नहीं: पीड़ित

पुलिस वालों की सफाई

इंस्पेक्टर राहुल बोले

मैंने अपने सारे स्टाफ से पूछा है। ये लोग शराब पीकर मुलाजिमों से मिसबिहेव कर रहे थे। स्टाफ ने कोई मारपीट नहीं की। बाकी अगर इस परिवार को किसी पुलिस वाले से कोई शिकायत है तो वो मेरे पास अाकर बयान दर्ज करवा सकते हैं।

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