आरक्षण का प्रावधान हिंदू दलितों के लिए, दूसरों को हकमारी नहीं करने देंगे
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संविधान में आरक्षण का प्रावधान सिर्फ दलित हिंदुओं के लिए है। हिंदू, बौद्ध और सिखों को यह संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। जो दलित-मुस्लिम की बात कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि दूसरे धर्मों के लोगों को यह अधिकार नहीं है। यदि उन्हें यह अधिकार मिला तो यह दलितों की हकमारी होगी। केंद्र सरकार किसी सूरत में एससी-एसटी के अधिकारों की हकमारी नहीं होने देगी। वह शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश दफ्तर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- दूसरे धर्मों के लोगों को दलित संवर्ग का आरक्षण लेने के पहले यह बताना होगा कि क्या उनके यहां भी छुआछूत, भेदभाव है। हिंदू धर्म में यह कुरीति रही है, इसीलिए यहां अनुसूचित जाति के लोगों को संवैधानिक अधिकार दिया गया। भाजपा को ताकत मिली तो दलित को राष्ट्रपति के सर्वोच्च पद पर भी बैठाया।
जरूरत पड़ी तो अध्यादेश लाकर भी जारी रखेंगे एससी-एसटी कानून
पॉलिटिकल रिपोर्टर|पटना
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण एक्ट पर अगर सुप्रीम कोर्ट में राहत नहीं मिली तब भी केंद्र सरकार अध्यादेश के जरिए इस कानून को जारी रखेगी। वह शुक्रवार को भाजपा द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अांबेडकर जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरक्षण दलितों का हथियार है। अगले सौ-दो सौ साल तक भी भारत में कोई सरकार आरक्षण को खत्म करने का साहस नहीं कर सकती है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बसपा नेता मायावती को सत्ता से बाहर हो जाने पर दलित याद आ रहे हैं। लेकिन, वर्ष 2007 में सीएम रहते मायावती ने ही दो-दो बार आदेश निकाल कर इस कानून को कमजोर बनाया।
बाबा साहब को श्रद्धांजलि देते केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद। साथ में सुशील मोदी व रामकृपाल यादव।
एक्ट को पहले से ताकतवर बनाया
रविशंकर प्रसाद ने कहा केंद्र सरकार ने एससी अत्याचार एक्ट को पहले से ताकतवर बनाया। कानून वीपी सिंह के शासनकाल में बना, लेकिन इसमें कई अन्य प्रावधानों को नरेंद्र मोदी के समय जोड़ा गया। कांग्रेस बताए कि उसने क्या किया?
सुप्रीम कोर्ट के मामले में केंद्र कहीं नहीं
केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा मामले में केंद्र सरकार पार्टी तक नहीं थी। न ही उससे कोर्ट ने कोई जवाब मांगा था। फिर हम कहां हैं? हमें तो अवसर मिला और हमने अपनी बात स्पष्ट रख दी। हमने रिव्यू पेटीशन दायर किया।
सार्वजनिक बहस की चुनौती
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि अगर भाजपा नहीं होती तो उत्तरप्रदेश में मायावती कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाती। राजद और कांग्रेस के नेताओं को मेरी चुनौती है कि वे भाजपा के साथ दलितों के मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बहस करें। पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा एक युवराज दिल्ली में हैं तो बिहार में एक छोटा युवराज हो गया है। अगर अांबेडकर नहीं होते तो एससी-एसटी समाज के लोग कभी एमपी और एमएलए नहीं बन पाते।
बाबा साहब को भारतर| 89 में क्यों
केंद्रीय मंत्री ने सवाल पूछा कि बाबा साहब भीमराव अांबेडकर का निधन 1956 में हुआ, लेकिन उन्हें भारतर| 1989 में क्यों मिला? कांग्रेस ने उन्हें भारतर| क्यों नहीं दिया? अांबेडकर को भारतर| भाजपा समर्थित वीपी सिंह की सरकार ने दिया।
अांबेडकर का ‘असली नाम’
यूपी की तर्ज पर भाजपा ने बिहार में भी संविधान निर्माता बाबा साहब का असली नाम की राजनीतिक मंच पर लांचिंग कर दी। शनिवार को अांबेडकर जयंती समारोह में मंच पर लिखा था, बाबा साहब डॉ.भीमराव रामजी अंबेडकर। संविधान की मूल प्रति पर भी बाबा साहब ने यही हस्ताक्षर किया है। समारोह को केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, सांसद आरके सिन्हा ने भी संबोधित किया।
दलित एक्ट को सशक्त बनाने की पहल की
रविशंकर प्रसाद ने कहा 1989 में वीपी सिंह के समय बने कानून में कई प्रावधान नहीं थे। जिसे नरेंद्र मोदी ने जोड़ा। किसी दलित के चेहरे पर कालिख पोतना, जूते पहनाना, कुआं का पानी नहीं पीने देना, शादी में साइकिल-मोटरसाइकिल पर नहीं चढ़ने देना, मूंछ-बाल मुंडवाना जैसे अपराध को इसमें शामिल किया गया। महिलाओं को गलत इरादों से इशारा करना, छूना, अपमान करना भी शामिल किया गया। आदिवासी महिलाओं को देवदासी कहना भी अपराध होगा। नरेंद्र मोदी सरकार ने मुआवजा की राशि भी बढ़ाई। हमने अबतक 844 करोड़ रुपए बांटे हैं। प्रेस काॅन्फ्रेंस में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय, उपाध्यक्ष देवेश कुमार, प्रवक्ता संजय टाइगर, प्रेम रंजन पटेल भी थे।