मौजूदा एमएलसी की अटकी सांसें, नए दावेदार तैयार
जदयू में विधान परिषद की उम्मीदवारी को लेकर हालत यह है कि मौजूदा एमएलसी की सांस अटकी हुई है। उम्मीदवारों के चयन के लिए गठित चार सदस्यीय सेलेक्ट कमेटी के लिए दावेदारों से निपटना कठिन है। अभी तक सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ही परिषद में लगातार तीसरी बार जाना तय है। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा- कोई जरूरी नहीं है कि सभी उम्मीदवार रिपीट होंगे। पर, यह भी नहीं कहा जा सकता कि पुराने सदस्यों को दोबारा मौका नहीं मिलेगा। बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।
छह सीटें हो रहीं खाली, तीन पर जीत तय
जदयू कोटे में पहले एक समेत छह सीटें खाली हो रही है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, संजय सिंह, उपेंद्र प्रसाद, राजकिशोर कुशवाहा, चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी की सीट खाली हो रही है, जबकि नरेंद्र सिंह की सीट पहले से खाली है। जदयू इस बार तीन उम्मीदवार तो आसानी के साथ विधान परिषद में भेज सकता है। सीएम के बाद अन्य कार्यकर्ताओं के लिए दो ही सीटें बचती हैं। इनमें कुशवाहा समाज से एक महिला को भी उम्मीदवार बनाने पर विचार हो रहा है। भाजपा से उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी व मंत्री मंगल पांडेय परिषद जाएंगे। चर्चा है कि भाजपा तीसरी सीट पर लड़ने के लिए इच्छुक नहीं है। जदयू एक और उम्मीदवार उतारेगा तो रिटायर हो रहे उम्मीदवारों में से किसी एक को मौका मिल सकता है।
कांग्रेस में अभी प्रत्याशी तय नहीं
पटना | महागठबंधन में शामिल कांग्रेस में ऊहापोह जारी है। परिषद में पार्टी को मिलने वाली एक सीट पर उम्मीदवारी को लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। 11 अप्रैल को आमंत्रण यात्रा का पहला चरण समाप्त होने के बाद प्रभारी महासचिव के वापस लौटते ही सारा फोकस दिल्ली शिफ्ट हो गया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो उम्मीदवारी तय करने के लिए राहुल गांधी के साथ प्रभारी महासचिव शक्ति सिंह गोहिल की एक बैठक हो चुकी है। शुक्रवार को महागठबंधन के दोनों घटक दलों राजद और हम के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। राजद ने तीन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे, जबकि चौथी सीट उसने अपनी सहयोगी हम पार्टी को दे दी। इस सीट से हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन उम्मीदवार हैं। सोमवार को नामांकन की आखिरी तारीख है।