लैब टेक्नीशियनों की बहाली जल्द, अपग्रेड होंगे पीएचसी
एनएमसीएच में कॉन्फ्रेंस में बोलते स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा- मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट काउंसिल का गठन किया जाएगा
सिटी रिपोर्टर|पटना सिटी
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि जल्द ही मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट्स काउंसिल का गठन होगा। 176 पीएचसी को अपग्रेड भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में साढ़े अाठ हजार पद सृजित किए गए हैं। जिनपर जल्द ही बहाली होगी। लैब टेक्नीशियन की कमी नहीं होने दी जाएगी, जल्द ही उनकी नियुक्ति की जाएगी। ऑल इंडिया मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन की बिहार इकाई की ओर से रविवार को एनएमसीएच ऑडिटोरियम में आयोजित कॉन्फ्रेंस सह साइंटिफिक सेमिनार को स्वास्थ्य मंत्री संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में राज्य में मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों की संख्या बढ़ी है। मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों की कमी को छह महीने में दूर किया जाएगा। बीएमएसआईसीएल को उपकरणों की खरीद के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जल्द टेंडर होगा। 6 माह में मेडिकल कॉलेजों में परिवर्तन दिखने लगेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत ने 2025 तक टीबी को मिटाने का लक्ष्य रखा है। टीबी की पहचान के लिए भारत सरकार ने अभियान शुरू किया है। केंद्रीय योजना के तहत जो भी व्यक्ति टीबी के मरीज के बारे में बताएगा उसे प्रति व्यक्ति 1000 रुपए दिए जाएंगे। टीबी के मरीजों को खाने के लिए हर माह 500 रुपए दिए जाएंगे। अस्पतालों में दवा भी नि:शुल्क दी जा रही है। उन्होंने लैब टेक्नीशियनों से कहा कि आप चिकित्सा सेवा की नींव हैं। आज बीमारी का इलाज जांच से ही शुरू होती है। इसलिए यह चिकित्सा विज्ञान का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।
अस्पताल में बढ़ी है मरीजों की संख्या
डाॅ. गोपाल प्रसाद सिन्हा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी विकास हो रहा है। आज अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। 17 जिलों के अस्पतालों में पीपीपी मोड पर डायलिसिस शुरू हो चुका है। एसोसिएशन के राज्य सचिव देवेंद्र प्रसाद ने लैब टेक्नोलॉजिस्ट को स्थायी करने, लैब टेक्नीशियन के पदनाम को लैब टेक्नोलॉजिस्ट करने व पीजी एमएलटी की पढ़ाई बिहार में शुरू कराने की मांग की। संचालन डाॅ. सत्यानंद चौधरी किया। अध्यक्षता रामजनम शर्मा ने की। अनिल कुमार सिन्हा, देवेंद्र प्रसाद, एम होदा, वीरेंद्र दांगी, धनंजय कुमार, एमएम दास, वीरेंद्र कुमार, एएन सिन्हा, डाॅ. गोपाल कृष्ण, श्याम किशोर, दीपक, ललित, मुशर्रफ, संजय आदि मौजूद थे।