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उन्नत भारत अभियान में बिहार से पीयू को मिली जगह, पांच गांवों को गोद लेकर करेगा विकास

3 वर्ष पहले
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पटना विश्वविद्यालय अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उन्नत भारत अभियान का हिस्सा बन गया है। एमएचआरडी ने गैर तकनीकी संस्थानों के चयन के लिए जो आवेदन मंगाए थे, उसमें पटना विश्वविद्यालय का चयन किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत चयन के बाद अब पटना विवि प्रशासन पांच गांवों का चयन कर उनमें विकास की संभावनाएं जगाएगा।

इस संबंध में पटना विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. अतुल आदित्य पांडेय ने बताया कि गांवों के चयन का मकसद उनका सामाजिक और आर्थिक विकास है। इसमें जिला प्रशासन के सहयोग से पांच गावों का चयन करना है। इसके लिए उन्नत भारत अभियान की एक यूनिट पीयू कैंपस में स्थापित होगी। इससे पहले 25 अप्रैल को दिल्ली में एक वर्कशॉप है, जिसमें भाग लेना है। डॉ. पांडेय ने बताया कि गांवों के चयन के बाद पटना विवि के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को इससे जोड़ा जाएगा।

चयन के बाद गांवों में इन क्षेत्रों में किया जाएगा काम

जैव खेती जल प्रबंधन ऊर्जा प्रबंधन शिक्षा व स्वास्थ्य की व्यवस्था प्राथमिक सुविधाएं

पहले से 3 संस्थानों का हुआ है चयन

एमएचआरडी ने उन्नत भारत अभियान के तहत अबतक तीन चरणों में संस्थानों और विवि का चयन किया है। आईआईटी दिल्ली के संयोजन में चल रहे कार्यक्रम के तहत पहले स्तर पर तकनीकी संस्थानों का चयन किया गया। अब जो नए संस्थानों का चयन किया गया है, उसके लिए गैर तकनीकी संस्थानों से भी आवेदन मंगाए गए थे। इससे पहले आईआईटी पटना, नालंदा विवि और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार का चयन किया गया था। पीयू को जोड़ने पर बिहार से चार संस्थान इस अभियान में शामिल हो गए हैं। पहले शामिल हुए संस्थानों ने अपने क्षेत्र के गांवों का चयन किया है।

आईआईटी पटना

अमहारा दिलावरपुर राजपुर इब्राहिमपुर कंचनपुर परेव

नालंदा विवि

कल्याणबिगहा मोरा निमन पिलखी ठेरा

सीयूएसबी

दरियापुर दौलतपुर करहता परसौना तेपा

एडमिशन से पहले पटना विवि प्रशासन शुरू करेगा हेल्प डेस्क

पटना|
पटना विश्वविद्यालय में नए सत्र के लिए नामांकन की प्रक्रिया 20 अप्रैल से संभावित है। एडमिशन प्रक्रिया पिछले साल की तरह ही पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसमें ऑनलाइन आवेदन से लेकर ऑनलाइन ही फीस जमा होगी। प्रक्रिया के दौरान कई विद्यार्थियों को ऑनलाइन फॉर्मेट के कारण दिक्कत होती है। कई बार अतिरिक्त पैसे कट जाते हैं तो कभी कनेक्शन एरर में बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी हुए पैसे कट जाते हैं। ऐसे मामले पिछले साल भी एडमिशन के दौरान आए थे। इसलिए इस बार पीयू प्रशासन एक हेल्प डेस्क बनाएगा जो आवेदकों की समस्याओं को हल करेगा। यह हेल्प डेस्क सभी कार्यदिवसों पर काम करेगा और इसमें तकनीकी रूप से दक्ष शिक्षकों को रखा जाएगा।

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