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हरियाणा से लाई जा रही थी खेप

3 वर्ष पहले
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क्राइम रिपोर्टर | पटना/खुसरुपुर

हरियाणा से पशु आहार के नीचे डाक पार्सल लिखे कंटेनर से खुसरुपुर के बैकटपुर मंदिर के पास पहुंची करीब 45 लाख की विदेशी शराब की बड़ी खेप को पुलिस ने जब्त किया। साथ ही शराब के धंधे से जुड़े लाइनर शशिकांत पांडा को मौके से गिरफ्तार किया। बैकटपुर का रहने वाला शशिकांत मंदिर का पुजारी भी है। अंधेरे का फायदा उठाकर कंटेनर आरजे 02 जीए- 8817 का चालक फरार हो गया। शराब तस्कर का सरगना कच्ची दरगाह का रहने वाला वीर राय है। सोमवार की देर रात हुई कार्रवाई के बाद से वीर फरार है। 30 कार्टन में 1560 बोतल व 55 कार्टन में 1320 बोतल रॉयल स्टैग की शराब थी। जब्त शराब की कीमत करीब 45 लाख है। कंटेनर का रजिस्ट्रेशन प्रियंका लॉजिस्टिक्स के नाम से है। इसका निबंधन राजस्थान के अलवर डीटीओ से हुआ है। इस वाहन का इंश्योरेंस फेल बताया जाता है। पुलिस ने कंटेनर और एक कारोबारी की बाइक जब्त की है।

डाक पार्सल लिखे कंटेनर में पशु आहार के नीचे रखी 45 लाख की विदेशी शराब जब्त

बिहार में घुसते ही कार व बाइक से होती है पैट्रोलिंग

पूछताछ में शशिकांत ने बताया कि जब बिहार की सीमा में शराब लदा वाहन घुसता है तो तस्करों का गिरोह बाइक व कार से इसकी पैट्रोलिंग करते हैं। शराब से लदे वाहन के आगे-पीछे बाइक और कार चलती है जिसपर तस्कर या उसके लोग सवार रहते हैं। ये इतनी दूरी बनाकर रहते हैं कि पुलिस को शक नहीं हो पर वाहन चालक के संपर्क में रहते हैं। चार-पांच किलोमीटर की दूरी पर वाहन के साथ बाइक और कार चलते हैं। शराब को मंदिर के पास उतारा जाता है। फिर रात में नाव में लादकर दियारा भेज दी जाती है। नाव का किराया करीब 5 हजार होता है। 500-500 रुपए पर मजदूर रखे जाते हैं जो नाव पर शराब की पेटी लाद देते हैं।

पुलिस को शक न हो इसके लिए तस्करों ने कंटेनर पर डाक पार्सल लिखवाया था। इसमें विशेष बॉक्स भी बना है।

दियारा में झोपड़ी में गोदाम

गंगा नदी से नाव से शराब को ले जाकर दियारा में झोपड़ियों में रखा जाता है। यहां गोदाम बना हुआ है। शराब की खेप आने के बाद तस्कर इसे दूध के कंटेनर में रखकर कच्ची दरगाह, फतुहा, दीदारगंज या गंगा के किनारे किसी घाट पर लाने के बाद पटना व आसपास जिलों में सप्लाई करते हैं।

ऐसे पकड़ी गई खेप

एसएसपी मनु महाराज को सूचना मिली कि एक कंटेनर बैकटपुर मंदिर की ओर गया है। उन्होंने इसकी जानकारी खुसरुपुर थानेदार को दी। थानेदार मृत्युंजय कुमार सुरक्षाकर्मियों के साथ मंदिर के पास पहुंच गए। पुलिस ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया। इसी बीच शशिकांत पकड़ा गया। पुलिस के आने से पहले चालक फरार हो गया था। शशिकांत से जब पूछताछ की गई तो सारी हकीकत बता दी। एसएसपी ने बताया कि वीर राय का बड़ा नेटवर्क है। इसमें कई तस्कर और सप्लायर हैं। पुलिस वीर के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

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