संस्थान ऐसा बने कि सभी इसमें सीखना चाहें
विकास प्रबंधन संस्थान के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मैं चाहता हूं कि संस्थान आदर्श संस्थान के रूप में विकसित हो। मुख्य सचिव से उन्होंने कहा कि इस संस्थान के बिल्डिंग के कॉन्सेप्ट से छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए, जिस तरह से नक्शा है उसी तरह बिल्डिंग बने। उन्होंने कहा कि बिहटा में 15 के बदले अगर 25 एकड़ जमीन भी अगर जरूरत हो तो दीजिए। मैं चाहता हूं कि यह संस्थान ऐसा बने कि इधर से गुजरने वाले सभी के मन में यह भावना आए कि इसमें हम भी कुछ सीखें। यह देश के लिए आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने दूसरे दीक्षांत समारोह में डिप्लोमा की डिग्री पाए सभी 24 छात्रों से कहा कि मुझे भरोसा है कि आपलोग विकास की प्रक्रिया को निश्चित तौर पर आगे बढ़ाएंगे। विशिष्ट अतिथि प्रथम संस्था के संस्थापक डॉ. माधव चौहान मौजूद थे।
विकास प्रबंधन संस्थान के दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान करते सीएम नीतीश कुमार।
समाज को डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स की जरूरत
संस्थान के बोर्ड ऑफ गर्वनर के सदस्य और ग्रामीण विकास सचिव अरविंद चौधरी ने कहा कि बिहार में डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स की काफी जरूरत है। डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट की स्थापना इसी उद्देश्य के साथ की गई। अधिवेशन भवन में आयोजित दीक्षांत समारोह में इससे पहले संस्था के चेयरमैन अनूप मुखर्जी ने अतिथियों का स्वागत किया। संस्थान के निदेशक डॉ. हेमनाथ राव हनुमानकर ने प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत की। डिग्री लेनेवाले सभी छात्रों का प्लेसमेंट हो चुका है।
वर्तमान अवधारणा से पर्यावरण को नुकसान
सीएम ने कहा कि विकास की वर्तमान अवधारणा जो बनी है उसमें पर्यावरण का काफी नुकसान हुआ है। विकास के कारण हम खुद पर्यावरण को नष्ट न करें। समारोह में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, जीविका के सीईओ बाला मुरगन डी, प्रो. तुषार शाह, प्रो. त्रिलोचन शास्त्री, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की सीईओ रुक्मिणी बनर्जी उपस्थित थे।