एक ही मशीन का फाइनल हुआ टेंडर, 25 से होगी नाला उड़ाही
पटना|बड़े चैंबरों की सफाई के लिए नगर निगम ने अहमदाबाद की ट्राइजेंट एजेंसी को फाइनल किया है। छोटी डिसिल्टिंग मशीन नहीं मिलने के कारण इस बार भी एक ही मशीन से सफाई होगी। नगर निगम के मुख्य इंजीनियर अशोक कुमार ने बताया कि छोटी डिसिल्टिंग मशीन के लिए किसी ने निविदा नहीं डाला। इस कारण सिर्फ एक ही मशीन को फाइनल करना पड़ा। दो टैंक लॉरी और एक डिसिल्टिंग मशीन अगले एक हफ्ते में पटना पहुंचने की संभावना है।
मशीन से चैंबरों की सफाई 25 अप्रैल के बाद ही शुरू हो पाएगी। इस बार तीन महीने के लिए डिसिल्टिंग मशीन को मंगाया जा रहा है। मई से जुलाई तक शहर के प्रत्येक बड़े चैंबरों की सफाई मशीन द्वारा की जाएगी। हर वार्ड को रोटेशन के आधार पर मशीन दी जाएगी। मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और निगम के अधिकारियों की उपस्थिति में एक्सपर्ट नाले की सफाई करेंगे। मशीन की सफाई का खर्च इस बार 1.5 करोड़ तक आने की संभावना है।
12 एक्सपर्ट करेंगे बड़े नालों की सफाई, 1.5 करोड़ तक खर्च
सड़कों पर मशीनों से झाड़ू लगवाएगा नगर निगम
पटना| शहर की सड़कों पर स्वीपिंग मशीन से सफाई होगी। सशक्त स्थायी समिति की 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में इस पर मुहर लग जाएगी। मेयर सीता साहू ने सात मुद्दों को लेकर समिति की बैठक बुलाई है। इसमें हर वार्ड में पांच सबमर्सिबल बोरिंग, मुख्यमंत्री सात निश्चय के तहत कच्ची नाली-गली योजना की प्रगति, नाला उड़ाही कार्य की प्रगति, परिवहन नगर में प्लॉट नंबर डी-69 के आवंटन पर चर्चा होगी।