एक जगह से कंट्रोल होगी ट्रैफिक, कहीं भी जाम लगा तो रूट को किया जाएगा डायवर्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। पैन सिटी सॉल्यूशन के तहत पूरे शहर के ट्रैफिक सिग्नल को तकनीक से जोड़ा जा रहा है। शहर के ट्रैफिक पर हर सेकंड कैमरे के साथ एक्सपर्ट की नजर रहेगी। स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने तकनीक विकसित करने के लिए दो टेंडर निकाले हैं। एजेंसी के चयन के साथ ही शहर के किस चौराहे पर किस तरह की तकनीक की जरूरत होगी, इसका अध्ययन करते हुए सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा। शहर के यातायात का पूरा नियंत्रण इसी तकनीक पर आधारित होगा। कहीं भी जाम की स्थिति में ट्रैफिक को दूसरे रूट में डायवर्ट किया जाएगा।
सभी शहरों की ट्रैफिक पर पटना से नजर
पटना के साथ राज्य के सभी 143 नगर निकायों के ट्रैफिक को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिग्नल से जोड़ा जाएगा। 12 नगर निगमों, 46 नगर परिषदों और 85 नगर पंचायतों की ट्रैफिक पर पटना से ही नजर रखी जाएगी। इसके लिए भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सभी निकायों का ट्रैफिक कंट्रोल पटना से हो सकेगा। इसके बन जाने से दूसरे शहरों में चल रही गतिविधियों पर भी नजर रखना आसान हो जाएगा।
गांधी मैदान के पास कंट्रोल रूम| गांधी मैदान स्थित पुलिस कार्यालय में दो मंजिला कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। पुलिस मुख्यालय गोल्फ क्लब के सामने शिफ्ट होने के बाद यहां जगह की कमी भी दूर हो जाएगी। यातायात कार्यालय में बनाए गए ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से ही पटना का ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा।
वीरचंद पटेल पथ व मंदिरी नाले पर शुरू होगा काम
वीरचंद पटेल पथ और मंदिरी नाला पर भी काम जल्द शुरू हो जाएगा। वीरचंद पटेल पथ शहर का मॉडल पथ होगा। सभी सुविधाओं से लैस यह शहर का बेस्ट लेन होगा। वहीं मंदिरी नाले को कवर करते हुए यहां टू-लेन सड़क बनाने का फैसला लिया गया है। यहां पर साइकिल चालकों के लिए अलग से ट्रैक बनाया जाएगा। दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन भी अलग से होगा।
ये फायदे होंगे
चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सिग्नल तोड़ने की स्थिति में कैमरे की मदद से खुद ही चालान जेनरेट हो जाएगा। जेब्रा क्राॅसिंग के पहले लिखी स्टॉप लाइन पर ही लोगों को गाड़ी रोकनी होगी। यातायात और परिवहन विभाग द्वारा तैयार किए गए डाटा बेस को आपस में सर्वर से जोड़ा जाना है। इसी के आधार पर तुरंत मोबाइल पर फाइन भरने का मैसेज मिल जाएगा
खाली पार्किंग स्थल की भी जानकारी मिल जाएगी
शहर के बाहरी प्वाइंट पर लगाए गए डिस्प्ले बताएंगे कि किस रूट पर ट्रैफिक की क्या स्थिति है। स्मार्ट पोल लगाए जाएंगे। गांधी मैदान से सटे एबीडी एरिया में पैदल चलने वालों को अवरोधमुक्त फुटपाथ मिलेगा। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत चयनित 837 एकड़ एरिया में 10 फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
काम 2 माह में दिखेगा
इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक सिग्नल का काम दो महीने में जमीन पर उतर जाएगा। अभी तकनीक विकसित करने का काम होना है। शहर के लोगों को सुरक्षित और बेहतर यातायात सुविधा देने पर काम हो रहा है।- केशव रंजन, नगर आयुक्त, एमडी, स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स