गर्मी में गरिष्ठ, बासी व जंक फूड से करें परहेज
गर्मी में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होती है, नहीं तो बेवजह बीमार पड़ने की नौबत आ जाती है। वैसे गर्मी के मौसम मधुमेह, बीपी और कैंसर के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इन्हें तेज धूप में निकलने से परहेज करना चाहिए। इन्हें धूप का एक्सपोजर लगने की आशंका अधिक होती है। बच्चों और बुजुर्गों को भी इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत होती है। यदि निकलना जरूरी है तो छाता लेकर निकलना चाहिए। एसी में बैठे हों तो तुरंत धूप में नहीं निकलें। शरीर का तापमान नार्मल करके ही धूप में निकलें। धूप में निकलने के पहले घर से पानी पीकर निकलें। साथ में पानी लेकर भी चलें। यह कहना है वरीय फिजिशियन डाॅ. राजीव रंजन का। वे शनिवार को दैनिक भास्कर के हेल्थ काउंसिलिंग में पाठकों को सलाह दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि गर्मी में बीपी के मरीज को अधिक पसीना निकलने से बीपी कम हो जाने की आशंका रहती है। इसलिए चिकित्सक से मिलकर दवा का डोज ठीक करा लेना चाहिए। इसके अलावा 60 से अधिक उम्र वालों को सोडियम की जांच कराते रहना चाहिए। पसीना निकलने से शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है। सोडियम की कमी होने चक्कर या बेहोश होकर गिरने की नौबत आ जाती है। यदि हीट स्ट्रोक हो जाए तो मरीज को तुरंत स्नान करा देना चाहिए। संभव हो तो मरीज को एसी में रखना चाहिए। इस मौसम में गरिष्ठ, बासी और जंक फूड से परहेज करना चाहिए। सुबह का बना भोजन या खाद्य पदार्थ शाम को नहीं खाना चाहिए। बाहर में खुले में बिकने वाले कटे फल या फिर खाद्य पदार्थ से परहेज करें। सबसे महत्वपूर्ण है कि गर्मी में इधर-उधर का पानी नहीं पीना चाहिए। पानी शुद्ध नहीं होने पर जौंडिस या फिर डायरिया होने की आशंका बढ़ जाती है। गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है। इस मौसम में गर्म भोजन, हरी सब्जी, ताजे फल का आदि का सेवन करना चाहिए। ज्यादा मांसाहारी भोजन, तेलीय और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए। गर्मी की वजह से टहलना बंद नहीं करें। रोज 40 मिनट टहलें।
हेल्थ काउंसिलिंग
डाॅ. राजीव रंजन, वरीय फिजिशियन
सीढ़ी चढ़ने पर दम फूलने लगता है। -मनीष कुमार, कुम्हरार
-बीपी और ईसीजी जांच करा लें। इसके बाद पता चलेगा कि आखिर सांस क्यों फूल रहा है।
बुखार है। पेशाब में जलन भी। -प्रियंका, नयाटोला
-महिलाओं में यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन अधिक लगता है। इसके चलते भी बुखार और पेशाब में जलन हो सकता है। यूरीन कलचर और सीबीसी जांच करा लें।
रात में सोते समय दम फूलने लगता है। -लीला सिंह, केशरीनगर
-ईसीजी जांच कराकर चिकित्सक से सलाह लें।
13 साल का बच्चा है। स्कूल से आता है तो थक जाता है। -कामायनी, भीखना पहाड़ी
-जंक फूड बंद कर दीजिए। इससे एनर्जी खत्म हो जाता है और थकान होती है। संतरा का जूस, नारियल पानी दें। ड्राइ फ्रूट्स दें। इसके बाद भी सुधार नहीं है तो थायराइड की जांच कराने की जरूरत होगी।
अक्सर सर्दी से परेशान रहता हूं। -विवेक कुमार, पटना
-वैसे सर्दी का कोई परमानेंट इलाज नहीं है। रेजिस्टेंस पावर कम होने की वजह से बार-बार सर्दी की परेशानी होती है। इसलिए हरि सब्जी, फल, अखरोट, बादाम आदि का सेवन करें। कभी-कभार एंटी एलर्जिक दवा भी ले सकते हैं।
इन्होंने भी किया फोन...
अरुण कुमार शर्मा (धनरूआ), वीरेंद्र बरनवाल (बाढ़),मोहम्मद सद्दाम (दरभंगा), बीर नारायण (कंकड़बाग),हीरालाल यादव (भागवत नगर), धीरज (पटना), पूनम देवी (मोकामा), दीपक दीवान (झारखंड), प्रिया कुमारी (बेउर), मुंद्रिका प्रसाद सिंह (पुनपुन), लालबाबू दूबे (पटना), कमलेश श्रीवास्तव (पटना), प्रदीप (पटना)।