नाबालिग लड़की से गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बनी स्पेशल टीम
नालंदा की नाबालिग लड़की के साथ कोतवाली थाना इलाके के जीपीओ के पास शनिवार की देर रात हुए गैंगरेप के मामले में चार बदमाशों पर मामला दर्ज किया गया है। पटना सिटी के मोनू व बबुआ, जक्कनपुर के छोटू और कमला नेहरू नगर के फेकन पर मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद ही पुलिस ने छोटू और फेकन को गिरफ्तार कर लिया था। मोनू और बबुआ जीपीओ के पास ही लहसुन बेचते हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह कोढ़वां स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन जाने के लिए देर रात पटना जंक्शन पहुंची थी। इसी दौरान जीपीओ के पास मोनू ने उसे देख लिया और उसका पीछा करने लगा। मोनू और छोटू जबरन उसे जीपीओ के पास स्थित अपनी दुकान में ले गया। पीड़िता जब विरोध करने लगी तो दोनों ने उसी के दुपट्टे से उसका मुंह बांध दिया। उसने बताया कि इस दौरान मोनू ने फोन कर अपने और दो दोस्तों को बुला लिया। मोनू और छोटू ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया। पीड़िता लगातार चिल्ला रही थी। इसी बीच पास से गुजर रहे कोतवाली थाने की पुलिस आवाज सुनी और कार्रवाई की। मौके से मुख्य आरोपी मोनू और बबुआ फरार हो गया। डीएसपी ने बताया कि आज कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया जाएगा। पुलिस ने बताया कि छोटू पहले भी शराब के मामले में जेल जा चुका है।
इधर जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार को ही पूरे मामले की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान डीआईजी राजेश कुमार मौजूद थे। डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर शिबली नोमानी ने आईजी को पूरे मामले से अवगत कराया। आईजी ने फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम का गठन कर दिया। डीएसपी के नेतृत्व में कोतवाली थानेदार राम शंकर सिंह, पीरबहोर थानेदार गुलाम सरवर, कदमकुआं थानेदार आलोक कुमार और स्पेशल सेल की टीम को रखा गया है। आईजी ने जल्द से जल्द फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। आईजी ने कहा कि स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी।
छीन लिया था मोबाइल, देने के बहाने ले गया
पीड़िता 11 अप्रैल को ही अपने घर से चाइल्ड हेल्पलाइन जाने के लिए भाग गई थी। 11 अप्रैल की देर रात वह पटना जंक्शन पहुंची थी। उसने पुलिस को बताया कि भूख लगने पर वह स्टेशन से बाहर निकली तो जीपीओ से पहले उसे मोनू मिल गया। उसी समय मोनू ने उससे उसका मोबाइल छीन लिया था। पीड़िता बोली कि उस दिन भी माेनू जबरन उसे अपने घर ले जा रहा था, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर भाग गई। 14 अप्रैल की रात जब मोनू ने उसे देखा तो उसे मोबाइल देने के बहाने उसे जीपीओ के पास स्थित अपनी दुकान ले गया और दोस्तों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया।
कई बार घर से भाग चुकी है पीड़िता
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 11 अप्रैल के बाद से वह घर नहीं गई है। इधर पीड़िता के घर वालों ने कहा कि वह अक्सर घर से भाग जाती थी। एक हेल्पलाइन से भी वह भाग चुकी है। इधर पुलिस ने कोढ़वां हेल्पलाइन से भी संपर्क किया। हेल्पलाइन ने बताया कि नालंदा की एक लड़की ने फोन कर कहा था कि उसके परिवार वाले काफी पीटते हैं इसलिए वह घर से भाग गई है और हेल्पलाइन आ रही है।
मेडिकल रिपोर्ट में जख्म के निशान नहीं
शनिवार की देर रात पीड़िता का इनकम टैक्स गोलंबर स्थित गार्डिनर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई। रविवार को पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट सौंप दी गई। मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के आंतरिक या बाह्य जख्म के निशान नहीं पाए गए हैं। इधर आईजी ने समीक्षा के दौरान कहा कि पीड़िता का एक और मेडिकल जांच कराई जाएगी। इस बार मेडिकल बोर्ड पीड़िता की जांच करेगी।
पीड़िता ने मां व मामा पर भी लगाया आरोप
पीड़िता पूछताछ के दौरान अपना बयान भी बदल रही है। रविवार की दोपहर पीड़िता ने पुलिस को यह भी कहा कि उसके साथ मां और घर के अन्य सदस्य मारपीट किया करते थे। उसने पुलिस से कहा कि पिछले दिनों उसकी मां और मामा ने उसे 5 लाख रुपए में बेच दिया था। डीएसपी ने बताया कि मामले की अभी जांच की जा रही है। पीड़िता के पिता पटना पहुंच चुके हैं। उनसे भी इस बाबत पूछताछ होगी।