जून से बोनमैरो ट्रांसप्लांट और स्टेमसेल थेरेपी होगी
आईजीआईएमएस में जून से बोनमैरो ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल थेरेपी की सुविधा बहाल होगी। इसके लिए एफेरेसिस मशीन मंगाई गई है। उसे इंस्टाॅल किया जा रहा है। इसके बाद कंपनी डॉक्टर और टेक्नीशियन को भेजेगी। वे यहां के डॉक्टर और टेक्नीशियन को ट्रेनिंग देंगे। मुख्य रूप से ब्लड बैंक और कैंसर विभाग के डॉक्टरों व टेक्नीशियनों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद मशीन का ट्रायल होगा। ट्रायल के बाद बोनमैरो ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल थेरेपी की सुविधा बहाल कर दी जाएगी। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल ने बताया कोशिश हो रही है मई के अंत या जून में बोनमैरो ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल थेरेपी की सुविधा बहाल कर दी जाए। इन दोनों के लिए राज्य के बाहर के प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को 7 से 8 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं। आईजीआईएमएस में 3 से 4 लाख का पैकेज होगा।
एफेरेसिस मशीन की खासियत यह है कि इंसान के शरीर से वहीं कंपोनेंट निकालती है, जिसकी जरूरत होती है। जैसे- प्लेटलेट्स की जरूरत है तो वह सिर्फ प्लेटलेट्स ही निकालेगी। बोनमैरो ट्रांसप्लांट ब्लड कैंसर, किडनी की बीमारी, गठिया आदि के मरीजों को तकलीफ से निजात दिलाने लिए होता है, जबकि स्टेम सेल थेरेपी विभिन्न जटिल बीमारियों में होगी। जैसे- मधुमेह, अस्थमा, स्किन, स्पाइन की इंज्युरी आदि के बीमारियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्टेम सेल थेरेपी का इस्तेमाल बहुत बीमारियों के इलाज में होने लगा है और उसका लाभ भी मरीज को मिल रहा है। राज्य में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में यह व्यवस्था हो रही है। इस सुविधा के बहाल हो जाने से मरीज को राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। यहीं पर उनका कम खर्च में इलाज संभव हो सकेगा।
दवा दुकान के लिए 15 मई से ऑनलाइन लाइसेंस
पटना | दवा दुकान के लिए 15 मई से ऑनलाइन लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। विभाग को अक्सर शिकायत मिलती थी कि लाइसेंस मिलने में देर हो रही है। विभाग ने इसपर मंथन किया और इन समस्याओं के निराकरण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था कर दी जिससे किसी कोई शिकायत ही नहीं रहेगी। राज्य औषधि नियंत्रण सूत्रों की मानें तो दवा दुकान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया से अहर्ता रखने वाले दवा दुकानदारों को सहूलियत हो जाएगी। राज्य में करीब 53 हजार थोक और खुदरा दवा दुकानें हैं। पुराने दवा दुकानदारों को भी लाइसेंस का रिन्युअल कराना पड़ता है। ऑनलाइन होने से उन्हें भी सहूलियत हो जाएगी।