कैश की स्थिति सामान्य, लोग आतंकित नहीं हों
उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि राज्य में कैश की स्थिति सामान्य है। कैश को लेकर आम लोगों को आतंकित होने की जरूरत नहीं है। एक-दो दिनों में बैंक में नगदी का प्रवाह सामान्य हो जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को मुख्य सचिवालय के सभाकक्ष में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि रबी फसल तैयार होने और शादी-विवाह के मौसम की वजह से सामान्य से कुछ ज्यादा नगद निकालने के कारण कुछ जिलों में कैश की थोड़ी कमी हुई है, जिन्हें चिह्नित कर लिया गया है और आरबीआई के सहयोग से बैंक वहां शीघ्र ही कैश की आपूर्ति सामान्य करने में लगे हैं। दूसरे राज्यों से भी बिहार में पर्याप्त नगद की आपूर्ति प्रारंभ हो गई है। केंद्र सरकार भी सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कैश की किल्लत को दूर करने के प्रयास में लगी हुई है। बैठक में आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक एन पी टोपनों के अलावा एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, केनरा बैंक व एक्सिस बैंक के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया। इन सभी ने आश्वस्त किया कि बैंकों में कैश की कोई दिक्कत नहीं है। तकनीकी कारणों से कुछ एटीएम खराब हैं, जिन्हें शीघ्र ही ठीक कर लिया जाएगा।
आरबीआई ने की अपील
पर्याप्त करेंसी उपलब्ध, जितनी जरूरत हो एटीएम से उतना ही पैसा निकालें
पटना | बिहार-झारखंड सहित अन्य राज्यों में बैंकों की एटीएम में कैश की किल्लत पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि उसके पास सभी मूल्यवर्ग के करेंसी नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। नोटों की कोई कमी नहीं है। आरबीआई ने लोगों से अपील की है कि एटीएम से उतना ही पैसा निकालें जितने की आवश्यकता हो। पैसा निकालकर अनावश्यक जमा नहीं करें। आरबीआई, पटना के प्रबंधक (कार्मिक) प्रसून कुमार शर्मा ने बुधवार को कहा कि बिहार-झारखंड के सभी करेंसी चेस्ट को उनकी आवश्यकता के अनुसार करेंसी नोट की सप्लाई की जा रही है। इसमें बैंकों की मदद ली जा रही है।
मई से वेतन की राश हर महीने शिक्षकों के खाते में होगी ट्रांसफर
उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्विट कर कहा कि मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी कोटि के सरकारी शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान करने के लिए नई व्यवस्था की है। मई से वेतन की राशि हर महीने शिक्षक के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा कि सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार से 34.91 करोड़ की अवैध निकासी के चारा घोटाला मामले में शेष 36 लोगों को तीन से 14 साल तक की सजा सुनाई। कुछ आरोपियों पर एक करोड़ तक का जुर्माना भी लगाया गया। लालू प्रसाद को इस मामले में पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। लालू के अलावा किसी सजायाफ्ता की ओर से फंसाए जाने का आरोप क्यों नहीं लगा ?