नीट की तैयारी में समय का सही से करें उपयोग
पटना | मेडिकल के क्षेत्र में सफलता पाने का सपना संजोए देश के लाखों छात्र नीट की तैयारी में जुटे हुए हैं। अंतिम दिनों में अपनी तैयारी को अंतिम रूप कैसे दें, इस बारे में गोल इंस्टिट्यूट के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन सिंह ने बताया कि छात्र प्रतिदिन पूर्व में पूछे गए प्रश्नपत्र से अभ्यास करें। एक पेपर 3 घंटे के समय अंतराल में बनाने का अभ्यास करें। इसके द्वारा छात्र कॉम्पीटिटिव एप्रोच बढ़ाने के साथ-साथ प्रत्येक दिन तीनों विषयों के संपूर्ण सिलेबस का रिवीजन कर सकेंगे। अंतिम के 30 दिनों में बायोलॉजी को अधिकतर समय देते हुए एनसीईआरटी की पुस्तक से रिवीजन करें। भूलने की संभावना वाले बिंदुओं को रेखांकित कर एवं अंतिम के पांच दिनों में उन्हें फिर से रिवाइज करें। जेनेटिक्स, इकोलॉजी, प्लांट फिजियोलॉजी, ह्यूमन फिजियोलॉजी एवं सेल बायोलॉजी ज्यादा महत्वपूर्ण है। विपिन सिंह ने कहा कि इन ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री को भी बायोलॉजी की तरह एनसीईआरटी से रिवाइज करें एवं ऑर्गेनिक को एनसीईआरटी के साथ साथ शिक्षकों द्वारा लिखवाए गए नोट्स की भी मदद लें। सभी विषयों के खुद से बनाए नोट्स को हर दिन रिवाइज करें।