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समता मूलक समाज बनाने के लिए अंतिम व्यक्ति को भी मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी

3 वर्ष पहले
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महादलित परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बबन रावत ने कहा कि समता मूलक समाज के निर्माण के लिए अंतिम लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना जरूरी है। जबतक समाज के अंतिम लोग मुख्यधारा से नहीं जुड़ेंगे तब तक समता मूलक समाज की कल्पना करना बेईमानी है। वे शनिवार को महादलित परिसंघ द्वारा कुर्जी स्थित नव ज्योति निकेतन सेवा केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय अधिवेशन के पहले दिन संबोधित कर रहे थे।

उद्‌घाटन करते हुए लंदन से आए प्रख्यात अंबेडकरवादी चिंतक मलकियत सिंह बहल ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने समाज के कमजोर वर्ग के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। इस दौरान महादलित परिसंघ ने महादलितों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 10 प्रस्ताव पास किया। इसके तहत केंद्र सरकार से उत्तरप्रदेश की योगी सरकार की तरह राष्ट्रीय स्तर पर दलित आरक्षण का वर्गीकरण करने की मांग की गई है। इसके अलावे परिसंघ के सदस्यों ने हाल में सर्वोच्चय न्यायालय द्वारा लिए जाने वाले निर्णय पर विस्तार से चर्चा करने के बाद इस एक्ट को और मजबूत करने की मांग भारत सरकार से की है। वहीं राज्य सरकार से परिसंघ ने केंद्र की राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की तरह राज्य में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन करने की मांग की है। इस मौके पर परिसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश पिन्परे, दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पारचा, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरंजन कुमार, जगदीश रावत, कृष्णा राम, श्याम किशोर सहित परिसंघ से जुड़े दर्जनों लोगों ने अपना विचार व्यक्त किए।

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