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दीन बचाओ-देश बचाओ सम्मेलन में पीएम मोदी पर खूब हुए कटाक्ष

3 वर्ष पहले
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दीन बचाओ-देश बचाओ सम्मेलन में वक्ताओं के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे। सबने शरियत कानून से किसी प्रकार की छेड़छाड़ जोरदार विरोध किया। बामसेफ के वामन मेश्राम से भाषण दिलाकर मुसलमान और दलितों की एकता पर जोर दिया। हिंदुओं और अन्य धर्म के लोगों से मिल्लत और देश को बचाने का संदेश भी दे गया सम्मेलन। वक्ताओं ने कहा- आपके पड़ोस में कोई गरीब हिंदू की बेटी की शादी कराने में मदद करें। साथ ही कठुआ, उन्नाव जैसी घटनाओं का विरोध किया। फिर मौलाना बद्र मुजीबी ने खानकाह मुजीबिया के सज्जादानशीं हजरत मौलाना सैयद शाह आयतुल्लाह कादरी का पैगाम पढ़ा। उसमें कहा गया कि दीन के साथ शरियत को बचाने के लिए हम सबों को एक होना होगा। इमारत के पूर्व अमीर-ए-शरियत व मौलाना वली रहमानी के वालिद स्व. हजरत मौलाना मिन्नतुल्लाह रहमानी की जीवनी पर लिखी पुस्तक का लोकार्पण भी हुआ।

सम्मेलन में तीन पृष्ट का प्रस्ताव इमारत के नाजिम मौलाना अनिसुर रहमान कासमी, नाएब नाजिम मौलाना सुहैल नदवी, मुफ्ती सनाउल होदा कासमी, मौलाना शिबली अलकासमी, मुफ्ती सोहराब नदवी ने पढ़े। नआत पाक मंजर कासमी ने पेश किया, जबकि मंच का संचालक खालिद अनवर कर रहे थे।

सिकंदर/आलोक कुमार/ नवाज शरीफ| पटना

सिर पर टोपी, हाथ में तिरंगा, जुबां पर अल्लाह हो अकबर के साथ भारत माता की जय…। रविवार को बड़ी संख्या में गांधी मैदान पहुंचे लोगों ने बेहद संजीदगी और बहुत ताकत से दिखाया-बताया कि यह देश उनका भी उतना ही है, जितना बाकी लोगों का। सबकुछ, सम्मेलन की थीम-’दीन बचाओ देश बचाओ’ के अनुरूप रहा। अपना धर्म और देश, दोनों को सुरक्षित रखने की बात हुई। सबसे बड़ी खासियत आयोजन का अनुशासन रहा।

एहतियात में सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम थे। जरूरत नहीं पड़ी। कई दिन पहले से नमाज, अजान के बाद लोगों को रैली के अनुशासन के बारे में माइक से एनाउंस करके बताया जा रहा था। यहां तक कहा जा रहा था कि कोई भड़काए तो भी मत भड़किए; न किसी को भड़काइए। ऐसा कुछ भी नहीं कीजिए, जिससे आम राहगीरों को परेशानी हो। यह सब साकार हुआ। सुबह से राजधानी की कमोबेश सभी खास सड़कें, गांधी मैदान को जाती दिखीं। पैदल लंबी दूरी तय करते लोग। हाथ में पानी की बोतल। सबने पुलिस की बैरिकेडिंग मानी।

हाल के वर्षों का यह पहला आयोजन रहा, जब समाज की एक कौम, राजनीति से आगे रहा। चुनावी राजनीति करने वाली किसी भी पार्टी को नहीं बुलाया गया था।

गजब का अनुशासन था और मंजिल थी गांधी मैदान

दिल में शरियत लेकर आए हैं

गोपालगंज से आए मो. मुस्तकीम ने कहा कि दिल में शरियत लेकर आएं हैं। आज देश में दीन खतरे में है। वैशाली के मो. सगीर कहते हैं, धर्म-मजहब कानून बरकरार रखा जाए। पर्सनल लॉ से छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा।

तीन तलाक को बेवजह तूल

बामसेफ नेता वामन मेसराम ने ब्राह्मणों पर हमला बोला। कहा-लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर ब्राह्मणों का कब्जा है। भारत में लोकतंत्र नहीं, ब्राह्मणतंत्र चल रहा है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी ने कहा कि काला धन नहीं आया, बल्कि सफेद धन लेकर लोग विदेश भाग गए।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, कोलकाता के प्रमुख मौलाना अबू तालिब रहमानी ने कहा कि देश सबों का है। यह शक्ति तंत्र से नहीं बल्कि लोकतंत्र से चलेगा।

जमियत अहले हदीस के अमीर मौलाना असगर इमाम मेहदी सलफी ने कहा कि मुस्लिम महिला की सुरक्षा के नाम पर केंद्र सरकार ने तीन तलाक को बेवजह तूल दिया।

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