हार्ट अटैक व दुर्घटना के बाद का हर मिनट कीमती
सिटी रिपोर्टर | फुलवारीशरीफ
किसी व्यक्ति की धड़कन व सांस अचानक रुक जाए, किसी को दिल का दौरा पड़ जाए या दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो जाए तो उस वक्त चिकित्सकीय उपचार चाह कर भी न मिल पाए तो ऐसे मौके पर बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस सपोर्ट उस व्यक्ति की जान बचाने में काफी सहायक साबित हो सकता है।
इसे गंभीरता से लेते हुए एम्स में बाल रोग विभाग ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जाना बहुत ही लाभदायक है। इससे जागरुकता बढ़ती है। ये बातें पटना एम्स के निदेशक डाॅ प्रभात कुमार सिंह ने कहीं।
पटना एम्स में बेसिक लाइफ सपोर्ट व एडवांस सपोर्ट का 150 डाॅक्टरों को दिया गया प्रशिक्षण
70% जानें बचाई जा सकती हैं
एम्स शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ लोकेश तिवारी ने कहा कि बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस सपोर्ट से दुर्घटना, हार्ट अटैक के दौरान भी 70 फीसदी लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए पटना एम्स ने बिहार, झारखंड, कोलकाता और नार्थ ईस्ट डंडिया से आए 150 डॉक्टरों को ट्रेंड किया है । दुर्घटना के बाद एक घंटे बहुत अहम होते हैं।
सीपीआर बचा सकता है जीवन
दिल्ली से आए डाॅ एलएन तनेजा ने ट्रेनिंग देते हुए डाॅक्टरों को बताया कि हृदय के काम करना बंद करने के 4 मिनट के अंदर यदि सीपीआर मिल जाए तो मरीज की ना सिर्फ जान बचाई जा सकती है बल्कि ब्रेन डेड होने से भी रोका जा सकता है। मौके पर एम्स के उपाधीक्षक डॉ योगेश समेत अन्य डाॅक्टर मौजूद थे।
एम्स में बेसिक लाइफ सपोर्ट व एडवांस सपोर्ट का ट्रेनिंग लेते विभिन्न राज्यों से आए चिकित्सक