क्षेत्रीय भाषाओं में मजबूत हो रही है पत्रकारिता
आईआईएमसी के महानिदेशक केजी सुरेश ने एलुमिनाई मीट में कहा कि प्रयास हो रहे हैं कि संस्थान में पीजी कोर्स शुरू हो। प्रयास सफल हुआ तो पुराने छात्रों को एक साल की अतिरिक्त पढ़ाई करा के पीजी की डिग्री दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में खबरों को पाठक पसंद कर रहे हैं। इससे क्षेत्रीय भाषाओं की पत्रकारिता मजबूत हो रही है। इसलिए आईआईएमसी में मराठी और मलयालम भाषा में कोर्स शुरू हुआ है।
इस दौरान बिहार सरकार के वित्त विभाग की प्रधान सचिव और आईआईएमसी की पूर्व रजिस्ट्रार सुजाता चतुर्वेदी ने संस्थान से जुड़ी यादों को ताजा किया। पीआईबी, पटना के एडीजी मयंक अग्रवाल ने आईआईएमसी के एडीजी के बतौर कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि पटना में उन्हें ऐसा लग रहा है कि बिछड़ा हुआ आईआईएमसी परिवार फिर से मिल गया है। समारोह में केजी सुरेश ने एबीपी न्यूज के उत्कर्ष कुमार सिंह को कृषि रिपोर्टिंग कैटेगरी का इफको ईमका अवार्ड 2017 प्रदान किया। इसमें ट्रॉफी और सर्टिफिकेट के साथ टैबलेट और 51 हजार रुपए दिया गया।
एलुमिनाई मीट में आईआईएमसी के महानिदेशक के जी सुरेश ने कहा
एलुमिनाई मीट में ये थे मौजूद
एलुमिनाई मीट में वरिष्ठ एलुमिनाई प्रमोद मुकेश, ईमका बिहार चैप्टर के अध्यक्ष भोलानाथ, महासचिव साकिब खान, नितिन प्रधान, राजीव रंजन चौबे, केके लाल, कल्याण रंजन, ईमका राजस्थान चैप्टर की अध्यक्ष अमृता मौर्या, ईमका के संस्थापक सदस्य रितेश वर्मा, शमी अहमद, प्रेम रंजन, रजनीश कुमार, निखिल आनंद, अजय नंदन, सत्यव्रत मिश्रा, अभिमन्यु साहा, नीरज प्रियदर्शी, भूषण कुमार, अभिषेक कुमार, राहुल चंद्रा, अमरजीत कुमार, सुविज्ञ दुबे आदि मौजूद रहे।