जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण हाईटेंशन लाइन के नीचे स्टेडियम बन रहा है। इंजीनियर को भी हाईटेंशन तार नहीं दिखा । हाईटेंशन तार की वजह से स्टेड़ियम बनाने का काम प्रभावित हो रहा है ।
सहक्षेत्र कटकोना में खेल मंत्री की तरफ से स्वीकृत स्टेड़ियम निर्माण में आरईएस विभाग बैकुन्ठपुर की लापरवाही देखने को मिल रही है, सहक्षेत्र कटकोना के एसईसीएल मैदान में बन रहे स्टेड़ियम का ले आउट इंजीनियर ने दे दिया और कार्य भी शुरू करा दिया ऊपर से उन्हें यह नहीं दिखा कि जहां स्टेडियम का ड्रेसिंग रूम बनवाया जा रहा है वहां पर और खेल मैदान के ऊपर सेे 33 हजार केवी का हाईटेंशन तार लगा हुआ है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है यही नहीं बल्कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिस डिजाइन में स्टेड़ियम बनना था उस डिजाइन में नहीं बन रहा है और न ही खेल मैदान के ऊपर से हाईटेंशन तार की चिंता है जिस वजह से ड्रेसिंग रूम के न तो आगे का पोर्च बन पा रहा है और न ही पीछे का पोर्च बन पा रहा है साथ ही खेल मैदान का आकार भी कम हो गया है।
कटकोना के एसईसीएल मैदान में बन रहा है स्टेड़ियम, इंजीनियर ने ले आउट कर दिया था पास, शुरू है निर्माण कार्य
निर्माण कार्य कराने में हो रही है परेशानी
जिस स्थान पर स्टेड़ियम के ड्रेसिंग रूम का निर्माण बिना सोचे समझे बनाया गया जिसके बनने से हाईटेंशन तार अड़चन बनी है। इस कारण जिस डिजाइन में ड्रेसिंग रूम व स्टेड़ियम बनना था वह फेल हो गया। जिस ड़िजाइन में निर्माण कार्य कराया जा रहा है उसे बनाने में इंजिनियर ने अपना दिमाक लगाया तो स्टेड़ियम मैदान का क्षेत्रफल कम हो जाएगा ऐसे में स्टेड़ियम अपने वास्तविक ड़िजाइन में बन पाना संभव होता नहीं दिख रहा है।
खेल मंत्री से करंेगे मामले की शिकायत
स्टेड़ियम निर्माण में संबंधित विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार की तरफ से बरती जा रही लापरवाही की शिकायत क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के खेल मंत्री भइया लाल राजवाडे से मैदान में खेलने वाले युवा व बच्चे शिकायत कर गुणवत्तापूर्वक निर्माण कार्य व निर्धारित क्षेत्र फल के अनुसार कराए जाने की मांग की करेंगे। वहीं कटकोना के खेल प्रेमी मामले को लेकर काफी आक्रोशित हंै कि निर्माणाधीन स्टेड़ियम के पास सरपंच को बुलाकर स्टेड़ियम निर्माण में दिख रही कमियों को गिनाते हुए जो ठेकेदार निर्मााण कार्य करा रहा है उसका ठेका निरस्त कर किसी दूसरे ठेकेदार से निर्माण कार्य पूरा कराए जाने की मांग की जा रही।