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शराबबंदी का असर देखने पांच राज्यों में घूम आई समिति, लेकिन रिपोर्ट डेढ़ साल में नहीं दे पाई

3 वर्ष पहले
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छत्तीसगढ़ में शराबबंदी के लिए जोर-शोर से नई कमेटी बनाई गई थी, जिन्हें जिन राज्यों में शराब पूरी तरह से बैन है, वहां जाकर मुआयना करना था। लेकिन डेढ़ साल बाद भी इस कमेटी की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ सरकार को नहीं मिल पाई है, क्योंकि जिन राज्यों में इन्हें जाना था, वे उसका दौरा ही नहीं किया। प्रदेश में शराबबंदी होगी या नहीं इसका फैसला इसी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।

गुजरात और बिहार में शराबबंदी के बाद वहां हुए इसके असर और बाकी बड़े राज्यों में शराब बिक्री के फार्मूले को देखने के लिए सरकार ने 12 सदस्यों की समिति बनाई है। इस समिति के सदस्यों ने गुजरात, बिहार, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के शहरों का दौरा किया, लेकिन अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं की है। राज्यों के दौरे में समिति के कई सदस्य गए ही नहीं, इसलिए किसी भी मुद्दे पर एक राय नहीं बन पा रही है। इसके झारखंड समेत कई राज्यों का दौरा भी पूरा नहीं हो पाया है। आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी समिति को कई राज्यों में जाना है, इसलिए रिपोर्ट तैयारी नहीं हो पाई है।

रोजाना 13 करोड़ की बिक रही शराब : छत्तीसगढ़ में रोजाना करीब 13 करोड़ 62 लाख रुपए के शराब की बिक्री हो रही है। अनुमान है कि इससे सरकार को 10 करोड़ रुपए से ज्यादा मुनाफा रोज होता है। शराब की सबसे ज्यादा बिक्री रायपुर जिले में होती है। यहां हर महीने 50 करोड़ से ज्यादा की शराब बिकती है। शराब बिक्री के लिए दुर्ग दूसरे और बिलासपुर जिला तीसरे नंबर पर है। आबकारी विभाग के अनुसार जितना राजस्व निजी ठेकेदारों से मिलता है।

इन राज्यों का दौरा किया समिति ने
डेढ़ साल में समिति ने गुजरात, केरल, चेन्नई व कन्याकुमारी (चेन्नई), केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली व पांडिचेरी के साथ पटना का दौरा किया है। इनमें शराबबंदी केवल गुजरात और बिहार में ही हुई है। समिति को जनवरी 2018 तक राज्यों का दौरा पूरा कर रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अभी तक नहीं दी गई। समिति में लोकसभा और विधानसभा के सांसद और विधायक भी शामिल हैं।

समिति में आयुक्त, सांसद-विधायक भी हैं शामिल

शराबबंदी के लिए बनी समिति में आबकारी आयुक्त डीडी सिंह अध्ययन दल के अध्यक्ष हैं। सदस्यों में सांसद दिनेश कश्यप व कमला देवी पाटले, विधायक अशोक साहू व रोहित कुमार साय, सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री फुलबासन बाई, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष विभा राव, सीए दीपक बत्रा, अंबेडकर अस्पताल मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. शशांक गुप्ता, चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अमर पारवानी शामिल हैं।

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