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अपहृत शेयर ब्रोकर गौरीचक में एक घर से बरामद, तीन अपहर्ता गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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शेयर मार्केट में करोड़ों के लेन-देन के विवाद में ब्रोकर शहजाद आलम को अगवा कर लिया गया था। 2 अगस्त से अपहृत शहजाद को पुलिस ने गौरीचक के मोकिमपुर स्थित सकलदीप के घर से मंगलवार को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में सकलदीप के साथ ही अगवा करने वाले सरगना रवि कुमार व करण कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से दो बाइक व चार कीमती मोबाइल बरामद किया गया। शहजाद फुलवारीशरीफ का रहने वाला है। उसका परिवार समनपुरा स्थित सिराज इन्क्लेव ब्लॉक नंबर 402 में रहता है। रवि व करण मनेर, जबकि सकलदीप गौरीचक के मोकिमपुर का निवासी है। सरगना रवि का कहना है कि शहजाद के यहां करोड़ों रुपए है। उसने शेयर में गबन कर लिया, जबकि शहजाद का कहना है कि 40 लाख के लेन-देन का मामला है। पुलिस तीनों अपहर्ताओं के साथ ही शहजाद से पूछताछ करने में जुटी है। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि शहजाद को 24 घंटे में ही बरामद कर लिया गया।

शहजाद आलम।

कोलकाता में था, फोन कर बुलाया

शहजाद कई दिनों से कोलकाता में रह रहा था। उसे रवि ने मोबाइल पर धमकी देते हुए पटना बुलाया। वह 2 अगस्त को पटना पहुंचा। उसे अपहर्ताओं ने हज भवन के पास बुलाया। वहीं से उसे गाड़ी पर बैठा लिया और कई मोहल्लों में घुमाता रहा। दो दिन पहले शहजाद को पता चल गया कि उसका इन लोगों ने अपहरण कर लिया है। उसके बाद इसकी जानकारी इन्हीं लोगों के मोबाइल से परिजनों को दी। शहजाद के परिजन सोमवार की रात एसएसपी के पास पहुंचे और रवि और शहजाद का मोबाइल नंबर दिया। एसएसपी ने सचिवालय डीएसपी आरके प्रभाकर के नेतृत्व में एक टीम गठित की जिसमें शास्त्रीनगर थानेदार निहार भूषण व अन्य जवानों को शामिल किया। सकलदीप के मोबाइल का लोकेशन लिया गया तो वह गौरीचक में मिला। सादी वर्दी में पुलिस सकलदीप के घर के पास गई और चारों ओर से घेर कर छापेमारी की। वहीं से शहजाद को बरामद करने के साथ तीनों अपहर्ताओं को दबोच लिया गया।

मारपीट नहीं की, खाना-पीना कम देता था

शहजाद ने बताया कि उसके साथ मारपीट नहीं की गई। जान से मारने की धमकी दी जाती थी। तीनों घर में पहरेदारी करते थे। जब सोते थे तो उनमें एक जागा रहता था। हाथ-पांव व आंख नहीं बांधा था। खाना-पीना कम देता था। शौच कराने भी साथ ले जाता था।

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