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क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर परियोजना से कम बारिश में भी होगी अच्छी फसल

3 वर्ष पहले
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कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से खेती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अनियमित बारिश, तापमान में अधिक वृद्धि या काफी कम होने से खेती खराब हो रही है। क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर परियोजना से कम बारिश के बाद भी अच्छी खेती हो सकती है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह योजना राज्य के चार क्लाइमेट क्षेत्र के दो-दो जिलों में चलाया जाएगा। इस योजना के तहत गेहूं, मक्का, चावल, दाल, तेलहन एवं सब्जी के अधिक उत्पादन वाले वेराइटी विकसित किए जाएंगे। 23.06 करोड़ की राशि से चार जोन के 8 जिलों में तीन साल के लिए योजना चलेगी। वे बामेती में मंगलवार को योजना से जुड़ी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पटना, नालंदा, समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया एवं कटिहार में योजना चलेगी। हर कॉरिडोर में 25 गांवों को चयनित किया जाएगा। हर चिह्नित गांव के 100 किसानों को इस परियोजना से लाभान्वित किया जाना है।

जुलाई के अंतिम सप्ताह में बिचड़ा लगाने से उत्पादन होगा प्रभावित : प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने इस साल मई व जून में काफी उमस थी। तापमान आर्द्रता और असामान्य वर्षापात जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में वर्षापात के कारण किसानों द्वारा अधिक अवधि से बिचड़ा लगाया जा रहा है। इससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों प्रभावित होगी। बामेती के निदेशक डॉ. जितेंद्र प्रसाद ने योजना के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला को निदेशक उद्यान नंदकिशोर, डॉ. मिथिलेश कुमार, बीएयू के सह निदेशक प्रसार डॉ आरएन सिंह, डॉ. जेपी मिश्रा, सिमेट बीसा के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमएल जाट और नाबार्ड के महाप्रबंधक सुशील कुमार ने भी संबोधित किया।

बामेती में कार्यशाला का शुभारंभ करते मंत्री डाॅ. प्रेम कुमार।

किसानों की आयु दोगुना करने की दिशा में सरकार कर रही काम

पटना|कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर आम किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है। बिहार के किसान इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। यहां की 76 फीसदी आबादी अब भी कृषि कार्यों पर निर्भर है। ऐसे में किसानों को जलवायु परिवर्तन से प्रभावी तरीके से निपटने में नाबार्ड द्वारा शुरू की योजनाएं काफी सहायक होंगी। नाबार्ड कार्यालय में आयोजित जलवायु परिवर्तन जागरुकता अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटना बहुत आवश्यक है। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुदीप्त कुमार मजूमदार ने कहा कि यह अभियान बिहार के नौ जिलों में शुरू किया गया है। इसमें औरंगाबाद, बांका, जमुई, मुंगेर, कैमूर, रोहतास, नवादा व समस्तीपुर शामिल हैं। इस मौके पर आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक एनपी तोपनो व नाबार्ड के महाप्रबंधक एसएस साहा भी मौजूद थे।

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