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जंक्शन पर वेटिंग हॉल के बाथरूम की दीवार गिरी, यात्री की मौत

3 वर्ष पहले
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पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर सेकंड क्लास वेटिंग हॉल के बाथरूम की पार्टीशन दीवार गिरने से 70 वर्षीय यात्री वीरबहादुर सिंह की मौत हो गई। घटना मंगलवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे हुई। वे बाथरूम गए थे। इसी दौरान दीवार भरभरा कर उनके शरीर पर गिर गई। गंभीर रूप से घायल वीरबहादुर को पीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे वैशाली जिले के बिदुपुर थाने के बिसनपुर गांव के रहने वाले थे। पश्चिम बंगाल के हुगली जेल से सुरक्षाकर्मी के पद से रिटायर हुए थे। हावड़ा से जनशताब्दी से पटना आए थे। जीआरपी थानेदार रवि कुमार ने बताया कि उनके बड़े बेटे कौलेश्वर के बयान पर रेलवे के इंजीनियर, ठेकेदार, आईओडब्लू व संबंधित विभाग के रेल अधिकारियों के खिलाफ मरम्मत में लापरवाही व लापरवाही से मौत की धाराओं 288 व 304-ए के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि 12 अगस्त को रेलमंत्री पीयूष गोयल पटना आ रहे हैं। इसको लेकर जंक्शन पर मरम्मत का काम चल रहा है। सोमवार से बाथरूम में काम शुरू हुआ था। टाइल्स बदला जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, चूहे ने पार्टीशन दीवार के निचले हिस्से खोखला कर दिया था। इसकी जानकारी रेलवे के संबंधित विभाग को नहीं थी।

मिस्त्री पर होगी कार्रवाई

पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि साइट पर काम करा रहे जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा ठेकेदारी पर काम करने वाले मिस्त्री व मजदूरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जांच चल रही है कि लापरवाही कैसे और किस स्तर पर हुई है। मृतक के परिजनों को तात्कालिक मुआवजे के तौर पर 15 हजार रुपए दिए गए हैं। उधर, इस हादसे के बाद बाथरूम को बंद कर दिया गया। दीवार कितनी पुरानी थी, इसकी सही जानकारी रेल अधिकारियों को नहीं है।

मोबाइल में मिला बेटे-बहू का नंबर तो हुई पहचान

वीरबहादुर को चार बेटे हैं। बड़ा बेटा कौलेश्वर प्रसाद सिंह सीआरपीएफ में जवान हैं। अन्य तीन बेटे देव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह व रामकुमार सिंह हुगली व बंडेल में बिजनेस करते हैं। एक बेटी भी है। वीरबहादुर हुगली में ही रहते थे। दीवार गिरने की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने उनके पॉकेट से हावड़ा जनशताब्दी के टिकट के साथ ही एक मोबाइल बरामद किया। मोबाइल में उनके बेटे और बहू का नंबर मिला। पुलिस ने दोनों नंबर पर कॉल किया तो बात हो गई। पुलिस ने बेटे और बहू को घटना की जानकारी दी। इसके बाद बड़े बेटे कौलेश्वर पटना पहुंच गए। वहीं अन्य बेटे व बहू हुगली व बंडेल से पूर्वा एक्सप्रेस से शाम में पटना पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया। वीरबहादुर के बेटे देव कुमार ने बताया कि उन्होंने हावड़ा से पटना जाने के लिए जनशताब्दी पकड़ी थी। सोमवार की रात करीब 11 बजे पटना जंक्शन पहुंचे। उनसे कई बार बात हुई। रात हो जाने की वजह से वे वेटिंग हॉल में ठहर गए थे। सुबह होने पर उन्हें गांव जाना था। वहां किसी कार्यक्रम में शामिल होना था।

रेलवे क्लेम ट्रिब्युनल में मुआवजे का दावा कर सकते हैं परिजन

जानकारों के अनुसार मृतक के परिजन रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल में मुआवजे का दावा कर सकते हैं। ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद मुआवजे की जो राशि तय की जाएगी उसे रेलवे को भुगतान करना होगा।

सवाल : मरम्मत के दौरान क्यों खोल रखा गया था वेटिंग हॉल

जब बाथरूम में काम चल रहा था, तब उसे खोल कर क्यों रखा गया? अगर खोला गया भी तो बाथरूम जाने से यात्रियों को क्यों नहीं रोका जा रहा था? हालांकि एक छोटे कागज पर लिखकर साटा गया था कि काम चल रहा है।

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