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मां का दूध पिला हर वर्ष बचाए जा सकते हैं ढाई लाख नवजात

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | फुलवारीशरीफ

इंडियन एकेडमी आॅफ पेडियाट्रिक्स बिहार शाखा के उपाध्यक्ष डॉ एनके अग्रवाल ने कहा कि मां का दूध अमृत है। मां का दूध पिला कर हर वर्ष ढाई लाख बच्चों की जान बचाई जा सकती है। मंगलवार को पटना एम्स में चल रहे स्तनपान सप्ताह के अंतिम दिन एम्स और इंडियन एकेडमी आॅफ पेडियाट्रिक्स बिहार शाखा के संयुक्त समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर डाॅ अग्रवाल ने एमएफएसएच का अांकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बिहार राज्य में एक घंटे के अंदर मां का दूध पीनेवाले बच्चों का 39.9 प्रतिशत है जबकि पूर्ण रूप से मां का दूध पीनेवाले बच्चों का प्रतिशत मात्र 53.5 प्रतिशत है। पटना जिले में पूर्ण रूप से मां का दूध पिलाने वालों का प्रतिशत 35.4 प्रतिशत है। एम्स के शिशुरोग विशेषज्ञ डाॅ लोकेश तिवारी ने बताया कि स्तनपान सप्ताह में क्विज, रंगोली, लेख सहित अन्य प्रतियोगिताएं हुईं। विजेताओं काे एम्स के निदेशक डाॅ प्रभात कुमार सिंह ने सम्मानित किया। मौके पर डाॅ बीके सिंह, डाॅ अखिलेश कुमार एवं डाॅ अनिल कुमार ने भी विचार रखे। डाॅ अरुण प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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