एक मई को मशाल जुलूस व दो मई को राजभवन मार्च करेंगे विस्थापित
पीटीपीएस के हेसला पंचायत भवन में रविवार को 25 गांव के विस्थापित प्रतिनिधियों की बैठक हुई। जिसमें कहा गया कि लंबित मांगों और समस्याओं पर पीवीयूएनएल प्रबंधन के रवैये के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा। तय किया गया कि एक मई को सभी प्रभावित विस्थापित 25 गांव में मशाल जुलूस और दो मई को राजभवन मार्च के साथ राज्यपाल से न्याय की गुहार लगाई जाएगी। इस दौरान प्रतिनिधियों ने कहा कि अब पीवीयूएनएल द्वारा पांच मई को यहां प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी की जा रही है। 4000 मेगावाट के प्लांट शिलान्यास की बात कही जा रही है। जिसका विस्थापित गांव के लोग जोरदार विरोध और बहिष्कार करेंगे। बैठक की अध्यक्षता रामेश्वर गोप और संचालन प्रदीप महतो ने की।
बैठक में सभी 25 गांव में आंदोलन की रूप रेखा तय की गई। जिसमें लोगों के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही 17 अप्रैल को बरघुटूआ और चेतमा में बैठक, 18 अप्रैल को आरासाह और जराद में बैठक, 22 अप्रैल को सांकुल में बैठक के साथ साथ आंदोलन की समीक्षा होगी।
बैठक करते विस्थापित प्रतिनिधि।
ये प्रतिनिधि हुए शामिल
विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य नारायण प्रसाद, भुवनेश्वर महतो, प्रवक्ता किशोर महतो, प्रदीप महतो, दुर्गाचरण प्रसाद, अमित साहू, विजय मुंडा, कौलेश्वर महतो, असगर अली, लालू महतो, ओमनाथ प्रसाद, संदीप मुंडा, अनिल मुंडा, संजय कुमार, विरेंद्र झा, माधव प्रसाद, सरोज गुप्ता, भगवान सिंह, ननकू मुंडा, नेपाल प्रजापति, तारकेश्वर प्रजापति, अब्बास अंसारी, गीतू प्रजापति, रूपेश कुमार, धनेश्वर करमाली, सुनील मुंडा, अरगदेव राम, कृष्णा प्रजापति, बासुदेव महतो, लक्ष्मीकांत महतो, मनोज मुंडा, संजय मुंडा , असगर अंसारी, कमल प्रजापति, मंटू कुमार, नरेश पाहन, शमसुल हक, अरूण कुमार, महेंद्र सिंह आदि कई उपस्थित थे।