अधिकारों की मांग करने वाले को सरकार सजा दे रही है : हेमंत
झारखंड में संवैधानिक संकट की स्थिति आ गई है। यहां रांची जैसे राजधानी क्षेत्र में एक महीने के भीतर 30 से 40 हत्याएं और लूट के वारदात को खुलेआम अंजाम दिया गया। लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोकतंत्र में अधिकारों की मांग करने पर सरकार में बैठे लोग सजा दे रहे हैं। ऐसे सरकार को अविलंब बर्खास्त करना चाहिए।
उक्त बातें बीती रात भुरकुंडा में अंबेडकर जयंती समारोह से लौट रहे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीटीपीएस सर्किट हाउस में कही। उन्होंने कहा कि इसे लेकर राज्यपाल से मांग कर रहे हैं। एससी एसटी के अधिकारों के सवाल पर कहा कि उन्हें अधिकारों से वंचित करने की घोर साजिश रची गई है। यह संवेदनशील मुद्दा आनेवाले चुनाव में काफी प्रभावी होगा। ऐसा न हो कि भाजपा जहां से चली थी वहीं पहुंच जाए।
स्थानीय मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पीटीपीएस के 25 हजार करोड़ की प्रोपर्टी को कौड़ियों के भाव दे दिया गया। सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय समस्याएं उत्पन्न कर रही है। कहा कि यहां के किसान, नौजवान, मजदूर सभी सरकार से तंग आ चुके हैं। विस्थापितों का मुद्दा प्रतिदिन नया रूप ले रहा है। यह सरकार सिर्फ विज्ञापनों के बल पर विकास का ढाेल पीट रही है। बगैर टेंडर कार्यों का आवंटन कर लूट की खुली छूट पर यह सरकार चल रही है। झामुमो एक बार फिर इस राज्य में उलगुलान की आवश्यकता महसूस कर रही है। इसके लिए लाखों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। जेल भरो आंदोलन चलेगा। राज्य को बचाएंगे और इस सरकार को आनेवाले समय में जनता उखाड़ फेंकेगी । मौके पर झामुमो के केंद्रीय सचिव संजीव बेदिया, मुमताज अंसारी, सुधीर कुमार, विक्की झा मौजूद थे।
पीटीपीएस सर्किट हाउस में हेमंत सोरेन और अन्य।