पतरातू रांची मुख्य सड़क मार्ग पर हादसों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। सड़क पर तेज रफ्तार गाड़ियां अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो रही हैं। इस सड़क मार्ग पर एक माह के भीतर दर्जन भर से अधिक लोग गंभीर रूप से वाहनों की टक्कर में घायल हुए हैं। जबकि आठ मौतें हो चुकी हैं। यह सड़क मार्ग लोगों के लिए असुरक्षित हो चुका है। बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर कई बार स्थानीय लोगों ने बड़े और छोटे वाहनों के गति सीमा को तय करने की मांग स्थानीय पुलिस और प्रशासन से की। लेकिन इसका कोई परिणाम अबतक नहीं दिखा है।
नतीजतन हादसों का दौर तेज रफ्तार वाहनों के कारण निरंतर जारी है। हादसों पर नजर दौड़ाई जाए तो एक माह के भीतर आठ मौतें इन बातों का ज्वलंत उदाहरण है। इनमें 12 अप्रैल को पतरातू डैम गेट के पास तेज रफ्तार टर्बो ट्रक ने बोलेरो को पीछे से टक्कर मार दी। इसमें सीआईएसएफ कांस्टेबल बीबी शेखर और नवीन कंवर घायल हो गए। 18 अप्रैल को तालाटांड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक ने जीप को जोरदार टक्कर मारी। इसमें चार लोग संतोष साव, सोनू देवी, संध्या कुमारी, तान्या की मौत हो गई। जबकि सुदन देवी, अंजली कुमारी और शंकर महली गंभीर रूप से घायल हो गए। 25 अप्रैल को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बासुदेव महतो को पथ संख्या 11 के समीप चपेट में ले लिया। जबकि 30 अप्रैल को ट्रक की टक्कर में विशाल करमाली और सुभाष समेत कोमल कुमार की बाइक को भारी क्षति पहुंची। पांच मई को पीटीपीएस मार्ग पर हरिशंकर ठाकुर की प|ी को एलपी ट्रक ने टक्कर मार दी। वहीं आठ मई को मो. नुरूल गंभीर रूप से घायल हुए। 16 मई को डीएवी के शिक्षक हरिशंकर चौबे को तेज रफ्तार कार ने पतरातू थाने के समीप चपेट में ले लिया, जिससे उनकी मौत हाे गई। गुरुवार की रात अज्ञात ट्रक ने मेन रोड पर अंबेडकर पार्क के पास एक गाय को कुचल डाला। लगातार बढ़ती घटनाओं पर लोगों ने वाहनों की रफ्तार को निश्चित गति सीमा में करने की मांग उठाई है। झाविमो के प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप महतो ने बीडीओ और सीओ काे इस दिशा में तत्काल पहल करने की मांग भी की।
पतरातू रांची मुख्य मार्ग पर बढ़ गई है दुर्घटनाएं।