पावटा पंचायत समिति में आज तक स्वीकृत नहीं हुआ एईएन का पद
नवसृजित पावटा पंचायत समिति को सरकार ने वर्ष 2015 में दर्जा मिल गया मगर आज करीब तीन साल बाद भी सहायक अभियन्ता का पद सृजित नहीं हुआ। इसके चलते संविदा पर चल रहे कनिष्ठ सहायक अभियन्ता के भरोसे पावटा पंचायत समिति का निर्माण कार्य चल रहा है। विकास अधिकारी राजबाला मीणा ने बताया कि पावटा को जब से पंचायत समिति का दर्जा मिला है तब से आज तक सहायक अभियन्ता का पद ही सृजित नहीं हुआ। ऐसे में सप्ताह में एक दिन शाहपुरा से एक एईएन पावटा पंचायत समिति के कार्यों का लेखा जोखा के लिए आते है।
बीडीओ मीणा ने बताया कि पावटा पंचायत समिति में 2 जेईएन के पद स्वीकृत है, लेकिन दोनों पद रिक्त चल रहे है। जिला परिषद की ओर से लगाए गए कनिष्ठ सहायक अभियन्ता को ही 29 ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यो को देखते है। नियम व कार्य को देखते हुए पंचायत समिति में पांच पंचायतों पर एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक होना चाहिए, लेकिन संविदा पर जिला परिषद से मात्र 3 जेटीए को लगाया हुआ है। इसमें एक को हाल ही कोटपूतली लगा दिया। उसके स्थान पर एक कोटपूतली से पावटा पंचायत समिति लगा दिया। ऐसे में एईएन का पद रिक्त चल रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पावटा पंचायत समिति में एईएन का पद नहीं होने, जेईएन के पद रिक्त चलने एवं कनिष्ठ तकनीकी सहायक कर्मचारी के के पदों में कमी होने की वजह से कार्य धीमी गति से तो हो ही रहे है, साथ ही निर्माण कार्यो की गति में धीमापन चल रहा है।
बीडीओ मीणा ने बताया कि नियमनुसार एईएन, जेईएन के अलावा एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक के पास पांच पंचायत होना चाहिए जबकि वर्तमान में एक जेटीए नया व एक को कही और लगा देने के कारण केवल एक के पास ही 29 ग्राम पंचायतों के निर्माण सम्बन्धी कार्य है। बावजूद इसके ग्राम पंचायतों के निर्माण सम्बन्धी कार्यो की मेजर बुक भरने का कार्य जेटीए रामकिशन मीणा रात दिन अकेले लगकर भरने का कार्य अपने कंधोे पर बखूबी निभा रहे है।
प्रधान रेखा मीणा ने बताया कि हमने अनेक बार रिक्त पदों को भरने की मांग कर चुके है। जयपुर जिला प्रमुख मूलचंद्र मीणा ने बताया कि जल्द पावटा पंचायत समिति में रिक्त पदों पर कर्मचारियों को लगा दिया जाएगा। जिला परिषद के सीईओ आलोक रंजन ने बताया कि पंचायत समिति में जल्द रिक्त पदों को भरा जाएगा।