संघ शास्ता गुरुदेव सुदर्शन लाल के शिष्य अचल मुनि की अगवाई में पैदल यात्रा रविवार को कस्बे में पहुंची।
अचल मुनि कहा कि इस जिंदगी में प्रभु की बंदगी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद का सम्मान करें। चाहे वह आसमान से टपके या फिर आंख से गिरे। जैसे आसमान से टपके पानी का संरक्षण करने से भूमि हमेशा उपजाऊ बनी रहती है। वैसे ही किसी रोते हुए व्यक्ति के आंसू पोछने से मन को शांति मिलती है। अचल मुनि ने कहा कि शब्द अगर महकें तो लगाव करते हैं और यदि बहक जाएं तो यही शब्द घाव कर जाते हैं। इसलिए हमेशा सोच समझ कर ही बोलना चाहिए । उन्होंने कहा कि कभी भी जीवन में किसी की निंदा ना करें। यदि निंदा करनी है तो खुद की करें। क्योंकि जिसने खुद की कमियों को पहचान लिया। वह कभी मार नहीं खाता।