शोभायात्रा के दौरान रास्तेभर स्वामीजी से भक्तों ने जगह-जगह चरण छूकर आशीर्वाद भी लिया।
भास्कर संवाददाता | पेटलावद
शनि न्याय के देवता है, वे खराब नहीं है वरन उनकी दृष्टि पड़ना खराब माना जाता है। नगर में स्थित शनि मंदिर की यह मूर्ति श्रेष्ठ है। क्योंकि शनि की दृष्टि नगर पर नहीं पड़ रही है। यह बात स्वामी दिव्यानंदजी तीर्थ शंकराचार्य भानपुरा पीठ ने विवेकानंद सभागृह के लोकार्पण के अवसर पर कही। स्वामीजी ने भारतीय एवं यूरोप के इतिहास के साथ शिवपुराण एवं रामायण के अनेक प्रसंगों का उदाहरण दिया। स्वामीजी के नगर आगमन पर उन्हें शंकर मंदिर से खुली जीप में शोभायात्रा के रूप में शनि मंदिर तक लाया गया। रास्ते में नगर परिषद, ब्राह्मण समाज, राठौड़ समाज ने स्वागत किया। शनि मंदिर में स्वामीजी ने ट्रस्ट द्वारा नव निर्मित स्वामी विवेकानंद सभागृह का लोकार्पण किया। इस अवसर पर नप अध्यक्ष मनोहर भटेवरा, पूर्व नप अध्यक्ष विनोद भंडारी, ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश व्यास, ट्रस्ट के पदाधिकारी विनोद पुरोहित, डॉ. मनोहर सिंह गेहलोत, ओम सोनी, ट्रस्टी धन्नालाल परमार, हीरालाल राठौड़, नाथूलाल पाटीदार आदि मौजूद थे।