फगवाड़ा | 13 अप्रैल को दलित और जनरल समाज से संबंधित दो वर्गों में हुए टकराव के बाद से अब तक लगातार बने तनावपूर्ण माहौल के बीच भगवान वाल्मीकि एक्शन कमेटी की ओर से एसडीएम ज्योति बाला मट्टू और एडीसी बबिता कलेर की भूमिका की सराहना करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जनरल समाज मंच के प्रदेश महासचिव गिरीश शर्मा ने कहा कि यह बयान उक्त दोनों महिला प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अपने कुकृत्य को छिपाने और विभागीय कार्रवाई से बचने की रची गई सोची समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जनरल समाज मंच जाति भेद में विश्वास नहीं रखता। जो लोग एसडीएम और एडीसी के हितैषी बन रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि मंच की ओर से एसपी फगवाड़ा पीएस भंडाल को भी कटघरे में खड़ा किया गया है। 12 साल पहले शहीद भगत सिंह को समर्पित किए जा चुके इस चौक का नाम बदलने की कोशिश कर रहे शरारती तत्वों को रोकने की बजाए मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें शह देने का काम किया। गिरीश शर्मा ने कहा कि 13 अप्रैल का मामला संगीन मामला है। इस दिन जो टकराव हुआ, उसमें एक परिवार ने अपना जवान बेटा खोया है। इस हत्या का अपराध केवल उस एक शख्स पर नहीं थोपा जा सकता, जिसकी गोली से यशवंत कुमार नामक युवक की मौत हुई बल्कि वह लोग भी उतने ही दोषी हैं, जिन्होंने उस टकराव की नींव रखी या शरारती तत्वों को शह दी। मामले में सीबीआई जांच की मांग जनरल समाज मंच की ओर से 16 मई की महासभा में की जा चुकी है। यदि जरूरी हुआ तो अदालत का सहारा लेकर भी सीबीआई जांच का आदेश जारी करवाया जाएगा।