फगवाड़ा की मंडियों में रुल रही गेहूं
फगवाड़ा में मंडियों की हालात काफी खराब है किसानों, आढ़तियों में रोष है कि फगवाड़ा का अन्नदाता किसान मंडी में फसल रुपी सोना लेकर बैठा बैठा पस्त हो चुके हैं पर प्रशासन किसानों की सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। फगवाड़ा की रावलपिंडी में साथ लगते गांवों के किसान कब की अपनी फसल लेकर खरीद की इंतजार में खुले आसमान के तले बैठे हैं। कोई भी अधिकारी उनको पूछने भी नही आया। परेशान किसानों व आढ़तियों ने बताया कि खुले में पड़ी फसल को देख कर किसान अपनी किस्मत को कोस रहे हैं कि सरकारी बेकद्री की मार तो झेल ही रहे किसान को कहीं कुदरती मार न सहनी पड़ जाए। बताया जाता है कि इस मंडी की खरीद के लिए पंजाब एग्रो को अलाटमेंट की गई थी। पर उसने पहले ही अधिक स्टाक होने की बात कह कर खरीद से इंकार कर दिया। नए सिरे से एजेंसी अलाटमेंट की फाइल मार्किट कमेटी की फाइल डायरेक्टर के कार्यालय में पड़ी न जाने किसका इंतजार कर रही है? पंजाब एग्रो के इंकार करने की वजह किसानों को पच नही रही। रावलपिंडी में फसल लेकर आए शिंगारा सिंह गांव रामपुर सुनड़ा, सतविंदर सिंह रावलपिंडी, बलजिंदर सिंह लखपुर व आढ़ती गगनदीप सोनी, ललित सोनी, लखन लाल व जीत सिंह ने अपनी परेशानी ब्यान करते कहा कि सरकार को पहले ही पुख्ता प्रबंध करने चाहिए थे। फगवाड़ा होशियारपुर रोड मंडी में किसानों की खरीद तो चल रही है पर वहां पर खड़ी शुगर मिल को जाने के लिए लद्दी गन्ने की ट्रालियां आवाजाई, लदान व पैकिंग में बहुत बड़ी बाधा बनी हुई है।
किसानों,आढ़तियों व लेबर के लोग इस रुकावट से बहुत परेशान हैं। किसानों को समझ ही नही आ रही कि कहां फसल उतारें ,कहां सुखाए तथा कहां लदान के लिए पैकिंग कर रखें। उनका कहना है कि मार्किट कमेटी प्रशासन उनकी कोई सुनवाई नही कर रहा है। किसानों ने पंजाब सरकार व जिला प्रशासन से मांग की कि मंडी प्रबंधों को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि खरीद प्रबंधन में कोई रुकावट न आए।
मार्किट कमेटी सचिव मुकेश कैले ने बताया कि होशियारपुर रोड पर मंडी में खड़ी गन्ने की ट्रालियों से वो खुद परेशान हैं तथा किसानों की इस समस्या संबंधी शुगर मिल के जीएम को कल मिल कर आए थे। पर कोई कार्यवाही नही हुई। इस संबंधी लिखित भी दिया गया है। मुकेश ने कहा कि इस संबंध में एसडीएम साहिब फगवाड़ा के सूचित कर दिया,उन्होंने इस संबंधी बातचीत कर हल करवाने का आश्वासन दिया है। रावलपिंडी मंडी में एजेंसी न अलाट न होने के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि पहले यह मंडी पंजाब एग्रो को अलाट हुई थी। उन्होंने पहले ही खरीद की अधिकता बताते हुए इंकार कर दिया। जिस संबंधी रिपोर्ट बना कर संबंधित को भेज दी गई। मामला डायरेक्टर साहिब के ध्यान में है तथा जीएम की मार्फत रावलपिंडी मंडी को नई एजेंसी अलाट करने के लिए फाइल उनके पास लंबित पड़ी है।
जिसके हल होते ही खरीद शुरू हो जाएगी। बारदानों की कमी कोई नही है पर खरीद एजेंसी ने ही बारदाना प्रदान करना होता है। अगर इस संबंधी कोई कमी पेशी होगी तो वो चैक करवा लेंगे।
फगवाड़ा की रावलपिंडी मंडी में खरीद एजेंसी की इंतजार में फसल की रखवाली करते किसान।