13 अप्रैल को फगवाड़ा में हुए हिंसक विवाद में एक नौजवान की मौत के केस और एससी-एसटी एक्ट के तहत फगवाड़ा पुलिस ने हिंदू संगठनों के 4 लोगों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पुन: अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने उन्हें 25 मई तक कपूरथला जेल में भेज दिया है। इसके अलावा एक हिंदू नेता को एक पुलिस अधिकारी की गाड़ी तोड़ने और गाड़ी में से नकदी निकालकर ले जाने के आरोप में पेशकर एक दिन के लिए फगवाड़ा पुलिस ने रिमांड हासिल किया है। 13 अप्रैल को दो पक्षों में हुई हिंसा में यशवंत उर्फ बॉबी गंभीर रुप से जख्मी हो गया था। इसकी 29 अप्रैल को उपचार के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने धारा 307 और अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले में संशोधन कर धारा 302 दर्ज कर ली थी। जांच अधिकारी एसपीडी जसकरणजीत सिंह ने बताया कि 13 अप्रैल को हुई हिंसा के बाद दर्ज मामले में युवक कीमौत के बाद संशोधित की गई धारा 302 और एससी-एसटी एक्ट के तहत शिव सेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रजीत करवल, युवा भाजयुमो नेता राजीव चहल, हिंदू शिव सेना के प्रधान शिवी बत्ता और अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के प्रदेश प्रधान दीपक भारद्वाज को कपूरथला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पुन: कोर्ट में पेश किया। जहां उन्हें माननीय न्यायधीश ने 25 मई तक जेल भेज दिया है।
अदालत में पेश होने से पहले गाड़ी से उतरते हुए हिंदू संगठनों के नेता। (दाएं) कचहरी के बाहर मौजूद हिंदू नेताओं के समर्थक।
कचहरी के बाहर पहुंचे हिंदू नेताओं के समर्थक
वहीं, 13 अप्रैल की रात को ही पुलिस अधिकारी सुखपाल सिंह की गाड़ी तोड़ने और गाड़ी से 10 हजार रुपए निकालने के आरोप में हिंदू शिव सेना के प्रधान शिवी बत्ता को अदालत में पेश किया, जहां उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। पेशी के दौरान पुलिस ने तहसील कांप्लेक्स में पुख्ता बंदोबस्त कर रखे थे। वहीं, हिंदू संगठनाें के समर्थक भी कचहरी में भारी संख्या में पहुंचे।