पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • छह साल बाद फलोदी कृषि विज्ञान केंद्र को मिले तीन कृषि वैज्ञानिक

छह साल बाद फलोदी कृषि विज्ञान केंद्र को मिले तीन कृषि वैज्ञानिक

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
क्षेत्र के किसानों को कृषि के नवाचारों व आधुनिक तकनीक की जानकारी व प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से शुरू किए गए कृषि विज्ञान केंद्र फलोदी में तीन नए कृषि वैज्ञानिकों ने पदभार ग्रहण कर लिया है। इन वैज्ञानिकों के पदभार ग्रहण करने से क्षेत्र के किसानों को बेहतर तरीके से विभिन्न नवाचारों व कृषि प्रयोगों के साथ खेती में आने वाली परेशानियों के समाधान में कुछ मदद मिल सकेगी। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रतिवर्ष किसानों को केंद्र पर व किसानों के बीच खेतों में जाकर लाइव जानकारी प्रदान की जाती है। केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को विभिन्न प्रकार की जानकारी से रूबरू करवाया जाता है। फलोदी में केवीके की स्थापना वर्ष 2012 में हुई। लेकिन अभी तक पूरा स्टाफ नहीं लग पाया है। पूर्व में केंद्र पर लगे हुए मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजूलाल भारद्वाज के पास जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार भी था। इसके कारण वो कृषि संगोष्ठी के लिए केंद्र पर आकर किसानों को जानकारी देते थे। अब यहां पर वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर डॉ. कानसिंह राठौड़ कार्यरत है।

अन्य रिक्त पदों को भरने के लिए लिखा पत्र

कृषि विज्ञान केंद्र पर वर्तमान समय में तीन कृषि वैज्ञानिकों ने नई नियुक्ति के तहत पदभार ग्रहण कर लिया। अब यहां पर एक मुख्य वैज्ञानिक व तीन वैज्ञानिक कार्यरत हैं। मुख्य वैज्ञानिक व प्रभारी डॉ. कानसिंह राठौड़ ने बताया कि पौध संरक्षण विषय विशेषज्ञ डॉ. कामिनी पाराशर, उद्यान विषय विशेषज्ञ डॉ. गजानंद नागल, शस्य विज्ञान विषय विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन पूनिया ने पदभार ग्रहण कर लिया है। गृह विज्ञान विषय विशेषज्ञ के पद भी जल्द ही कार्यभार ग्रहण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही कार्यालय में रिक्त पड़े अन्य पदों के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।

सलाहकार समिति की बैठक 24 को

कृषि विज्ञान केंद्र फलोदी की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की चौथी बैठक 24 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे पंचायत समिति सभागार में आयोजित होगी। प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. कानसिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में वर्ष 2017-18 की वार्षिक गतिविधियों के प्रतिवेदन का मूल्यांकन व वर्ष 2018-19 की वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...