आज भी समाज में बाल विवाह जैसी कुरीति व्याप्त है: पुरोहित
फलोदी | उरमूल व यूनिसेफ के सहयोग से संचालित लाडो परियोजना के तहत मंगलवार को बीठड़ी गांव में आंगनवाड़ी केंद्र पर बालिका मंच की एक दिवसीय बैठक प्रचेता कुसुम पुरोहित की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान कुसुम पुरोहित ने कहा कि आज में भी हमारे समाज में बाल विवाह जैसी कुरीति व्याप्त है। बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास अवरूद्ध हो जाता है। लाडो परियोजना समन्वयक दीनदयाल अरोड़ा ने बताया कि समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने व किशोर-किशोरियों को सशक्तिकरण करने में लाडो परियोजना वरदान साबित हो रही है। आपने बालिका मंच की बालिकाओं से बैठकों में निरंतर भाग लेकर अपना क्षमतावर्धन करने के साथ ही गांव की अन्य बालिकाओं को जागरूक करने का आह्वान किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुनी देवी ने कुरीति मुक्त समाज की स्थापना शिक्षा व जागरूकता से ही संभव है। जयराम पंवार ने बालिकाओं को बाल अधिकार, बाल विवाह के दुष्परिणाम, बालिकाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बैठक में आशा सहयोगिनी मगा देवी, जशोदा, मोहिनी, मिर्गो, निरमा, चंपा, कविता, दुर्गा, ममता, संगीता व रेखा सहित सहित 40 बालिकाओं व महिलाओं ने भाग लिया।
लोहावट आंचलिक | उरमूल ट्रस्ट व यूनिसेफ के सहयोग से लोहावट पंचायत समिति की सदरी ग्राम पंचायत के राजाला नाडा गांव की आंगनवाड़ी पाठशाला हरलालजी की ढाणी केंद्र पर उरमूल कार्मिक भींयाराम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लीला विश्नोई व सहायिका शारदा विश्नोई द्वारा मंगलवार को किशोरी बालिका मंच का गठन किया। किशोरी मंच में बीस बालिकाओं का चयन किया। इसकी अध्यक्ष सुमता विश्नोई, उपाध्यक्ष गुड्डी विश्नोई व सचिव मनीषा विश्नोई को बनाया। किशोरी बालिका मंच का गठन कर उसका आमुखीकरण भी किया। इस दौरान उरमूल कार्मिकों द्वारा उपस्थित बालिकाओं को शिक्षा, बाल अधिकार व बाल विवाहों के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लीला ने बालिकाओं को उनके अधिकारों के हनन व परिवार या समाज द्वारा उनके जीवन को किसी सामाजिक कुरीति की भेंट चढ़ाते समय डट कर विरोध करने, स्वास्थ्य, शिक्षा व स्वच्छता के बारे में जानकारी दी।