शहर के नागौर रोड स्थित मुथूट फाइनेंस की फलोदी ब्रांच में 22 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। जिसे ब्रांच मैनेजर ने एक कर्मचारी और दो ग्राहकों के साथ मिल कर अंजाम दिया। दोनों ग्राहकों का 1045.4 ग्राम नकली सोना गिरवी रख उन्हें 21,88,100 रुपए लोन दे दिया गया। 21 अप्रैल को हुई इंटरनल ऑडिट में इसका खुलासा हुआ। इससे पहले ही ब्रांच मैनेजर व कर्मचारी इस्तीफा दे चुके थे। शुक्रवार को बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
सीआई मदनसिंह चौहान ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक सुधीर चौधरी ने रिपोर्ट में बताया कि हमारी बैंक सोने के जेवरात गिरवी रख कर ऋण देती हैं। फलोदी ब्रांच में सोने की जांच की जिम्मेदारी वहां के मैनेजर लुंकड़ स्ट्रीट निवासी अरविंद लूंकड़ और जूनियर रिलेशनशिप एग्जीक्यूटिव मालियों का बास निवासी भाविन पुत्र महेश कुमार पर थी। इन दोनों ने ग्राहक मेघवालों का बास निवासी भंवरलाल पुत्र जेठाराम व खिलेरियों की ढाणी मगरानगर निवासी पेमाराम पुत्र गोपाराम के साथ मिल कर षडयंत्र रचा। पेमाराम को 24 फरवरी से 22 मार्च के बीच 13 बार और भंवरलाल को 22 से 26 मार्च के बीच 4 बार नकली गहने गिरवी रख ऋण दिया गया।
मुथूट फाइनेंस की शाखा जहां घोटाला हुआ।
घोटाला खुलने से पहले मैनेजर व कर्मचारी दे चुके थे इस्तीफा
चौधरी ने बताया कि 21 अप्रैल को इंटरनल ऑडिट टीम ने फलोदी ब्रांच में जांच की। जिसमें पेमाराम व भंवरलाल को ऋण देने के बदले गिरवी रखे गए सोने के गहने नकली पाए गए। इससे पहले ही मैनेजर अरविंद ने 31 मार्च और कर्मचारी भाविन ने 17 अप्रैल को इस्तीफा देकर बैंक को रिपोर्टिंग बंद कर दी थी। बैंक ने अभी तक दोनों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए है।
अन्य ऋण खातों में भी मिली कई तरह की अनियमितताएं
रिपोर्ट के अनुसार अन्य ऋण खातों में भी अनियमितताओं का पता चला है। जैसे प्रतिभूति गहनों के अपर्याप्त वजन कटौती, कम शुद्धता वाले गहनों के बदले ऋण स्वीकृति और वितरण में गड़बड़ी कर कंपनी को नुकसान पहुंचाने का पता चला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई हरीसिंह को सौंपी है।