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मियांकोर गांव में हिरण का शिकार, शिकारियों ने बंदूक व धारदार हथियार दिखा ग्रामीणों को भगाया

3 वर्ष पहले
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बाप | उपखंड क्षेत्र के मियांकोर गांव में गुरुवार देर रात हिरण शिकार का मामला सामने आया है। शिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचे वन्य जीव प्रेमियों को हथियार दिखाकर भगा दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को मामले की सूचना दी। लेकिन विभाग की टीम सुबह पहुंची। जिससे नाराज ग्रामीण धरने पर बैठ गए।

क्षेत्र के किशनाराम व शंकरलाल ने रिपोर्ट देकर बताया कि गुरुवार रात करीब 11:30 बजे गोली की आवाज सुनाई दी तो वे दोनों उस जगह पहुंचे जहां से गोली चलने की आवाज आई थी। वहां दो बाइक खड़ी थीं। जिनके पास अनोपाराम व हरिराम उर्फ दीपक पुत्र भोजाराम जाति बावरी निवासी मिठड़िया खड़े थे। उन्हें देख अनोपाराम बावरी ने उन पर बंदूक तान भाग जाने की धमकी दी। तभी हरिराम भी धारदार हथियार लेकर उनके पास आ गया जिससे वे डर कर भाग गए। घर पहुंच वन्यजीव प्रेमी पांचाराम व रामनिवास को शिकार की सूचना दी। इस घटनाक्रम के एक घंटे बाद ग्रामीणों सहित वे वापस पहुंचे। तब तक आरोपी भाग चुके थे।

पांचाराम ने बताया कि बाप वन विभाग के अधिकारियों को शिकार की सूचना रात में ही दे दी थी, लेकिन वे सुबह पहुंचे। टीम ने वहां मौजूद हिरण के अवशेष कब्जे में ले लिए। ग्रामीणों द्वारा टीम को शिकारियों के नाम बताने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरने पर बैठ गए। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन ने बाप, चाखू व फलोदी थाना पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर पुलिस व वन विभाग की टीम ने शिकारियों को पकड़ने के लिए दबिश देनी शुरू कर दी। दोपहर में एक बाइक बरामद कर ली, लेकिन शिकारी हाथ नहीं लगे। इसके बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को 5 दिन के भीतर शिकारियों को पकड़ने का आश्वासन दिया तो उन्होंने धरना समाप्त किया।

वन विभाग की लापरवाही व ढुलमुल रवैए से मियांकोर में आए दिन हिरणों का शिकार किया जा रहा है। शिकारियों के हौंसले बुलंद है। अगर 5 दिन में शिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वन्यजीव प्रेमी व ग्रामीण उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।

महंत भगवादास

घटनास्थल पर ग्रामीणों से समझाइश करते अधिकारी।

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